फिल्म सांड की आंख की शूटिंग
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घूंघट में दुबकी रहती थी। ये वो दौर था जब रोटी भी सास-ननद देती थी। 65 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की। बेटा! लोगों ने बड़ी बाधा खड़ी करी। कहते कि तू जागी कारगिल में, तू जागी फौज में।
घर में सब रोकते थे। मैं कान बंद करके लगी रही। बड़ा परिवार था। रात 12 बजे के बाद जग लेकर प्रैक्टिस करती। सहनशक्ति बड़ी चीज है। मुझे यू दिखानी थी कि एक औरत भी सब कुछ कर सके। जो लोग धज्जियां उड़ाया करते थे, वे अब तारीफ करते हैं।