पड़ोस की महिला व उसकी तस्वीर लिए बैठी गमगीन मां
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बताती हैं, शैंकी छह महीने का था, तभी उसके पिता का देहांत हो गया था। एक बेटी भी थी। पशु पालन और खेती कर मैंने बच्चे पाले। शैंकी सीधा-साधा बच्चा था। मैं सोचती थी कि पढ़ लिखकर कुछ बन जाए। अभी तो उसकी पालगत करके भी नहीं हटी थी। ये कहते हुए मां की रुलाई फूट पड़ती है। कुछ क्षण बाद बोलीं, शैंकी मेरठ में प्राइवेट जॉब करता था। वहीं रहता था। कंप्यूटर की कोचिंग भी कर रहा था। उसके प्यार के बारे में मुझे पता था। जाति अलग थी पर मैं शादी के लिए तैयार थी। शुरुआत में प्रीति के घरवाले भी तैयार थे। शैंकी उनके घर आता-जाता भी था।
दिसंबर में हुई थी शैंकी की निर्मम हत्या
शैंकी और प्रीति के पांच साल से प्रेम संबंध थे। 6 दिसंबर 2018 को शैंकी प्रीति से मिलने के लिए पल्लवपुरम स्थित उसके घर गया। वहां प्रीति के पिता और भाइयों ने उसकी हत्या कर दी। प्रीति शैंकी को छोड़ने की गुहार करती रही पर उन्होंने उसे कमरे में बंद कर दिया। हत्या कर शव को ललसाना के जंगल में ले जाकर कार समेत जला दिया गया। शैंकी के हत्यारोपी पिता-पुत्र जेल में हैं।