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मेजर मयंक तुम्हें सलाम: देश पर कुर्बान हुआ मेरठ का लाल, भाई की तस्वीरें देख पथराईं दोनों बहनों की आंखें

Sat, 11 Sep 2021 02:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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शहीद मेजर मयंक - फोटो : अमर उजाला
जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हुआ मेरठ का लाल शनिवार को शहीद हो गया। बताया गया कि मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी मेजर मयंक विश्नोई घाटी में दुश्मनों से लोहा लेते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद उनका उधमपुर के सैनिक अस्पताल में उपचार चल रहा था। शनिवार सुबह उन्होंने सैनिक अस्पताल में वीरगति प्राप्त की।

उनका पार्थिव शरीर रविवार दोपहर उनके पैतृक आवास पर पहुंचेगा, जहां सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। एक ओर जहां परिवार को बेटे की शहादत पर गर्व है, वहीं भाई के जाने के बाद घर में मौजूद शहीद मेजर मयंक की दोनों बहनों तनु व अनु का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बहनें अपने मोबाइल पर भाई की फोटो को एकटक देखकर रोती रहीं। 

जानकारी के अनुसार कंकरखेड़ा शिवलोकपुरी निवासी रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र बिश्नोई के पुत्र मेजर मयंक विश्नोई ने जम्मू कश्मीर के शोपियां में शनिवार सुबह वीरगति को प्राप्त हुए। 27 अगस्त से उनका उधमपुर के सैनिक अस्पताल में इलाज चल रहा था। 
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शहीद मेजर मयंक विश्नोई - फोटो : अमर उजाला
अप्रैल-2021 में अंतिम बार आए थे घर, कोरोना पीड़ित था परिवार 
बताया गया कि शहीद मेजर मयंक विश्नोई कंकरखेड़ा स्थित शिवलोक आवास पर आखिरी बार अप्रैल-2021 में आए थे। उस समय परिवार अचानक से कोरोना पीड़ित हो गया। उनके पिता, माता और पत्नी को भी कोरोना हो गया। यहां भी उन्होंने परिवार की सेवा की। सभी के स्वस्थ होने के बाद वह पत्नी स्वाति के साथ हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर चले गए। वहां से वह अपनी ड्यूटी पर चले गए थे।

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विलाप करतीं शहीद मेजर मयंक विश्नोई की बहनें - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक मेजर विश्नोई आईएमए देहरादून से साल 2010 में पास आउट हुए थे। वहीं पूरे परिवार को मयंक की शहादत पर जहां एक ओर गर्व गर्व है वहीं, बेटे की शहादत की खबर सुनकर उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

वहीं भाई के शहीद होने की खबर मिलते ही उनकी दोनों बहनें गुमसुम हो गई और बेड पर बैठकर उनकी फोटो को एकटक देखकर आंसू बहाती रहीं। आसपास की महिलाएं भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचीं।

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शहीद मेजर मयंक विश्नोई व उनके आवास पर पहूंचा सैन्यकर्मी - फोटो : अमर उजाला
कल दोपहर एक बजे तक घर पहुंचेगा पार्थिव शरीर
सेना के अनुसार कल दोपहर एक बजे तक पार्थिव शरीर मेरठ पहुंचेगा। उनकी पत्नी उधमपुर में ही मौजूद हैं। वहीं, मयंक के माता-पिता उधमपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुके हैं। वे आज शाम तक मेरठ आ जाएंगे।
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परिवार के साथ शहीद मेजर मयंक विश्नोईशहीद मेजर मयंक विश्नोई - फोटो : अमर उजाला
सिर में लगी थी गोली
परिजनों ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को शोपियां में दुश्मन से लोहा लेते हुए मयंक के सिर पर गोली लगी थी। गंभीर अवस्था में मयंक को उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पिता वीरेंद्र विश्नोई, माता मधु बिश्नोई और पत्नी स्वाति विश्नोई उधमपुर पहुंच गए।

 
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शहीद मेजर मयंक विश्नोई बाएं - फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर मयंक के पार्थिव शरीर को रविवार दोपहर तक मेरठ लाया जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार मेजर मयंक बेहद खुशमिजाज और मनमौजी थे। उनकी शहादत की खबर सुनते ही उनके दोस्त भी उनके आवास पर पहुंच गए। परिवार और मोहल्ले के अन्य लोग भी सूचना मिलने पर परिवार को सांत्वना देने पहुंच गए।
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पत्नी के साथ शहीद मेजर मयंक विश्नोई - फोटो : अमर उजाला
मेजर बेटे की शहादत की खबर सुनकर क्षेत्र के गणमान्य लोग भी उनके आवास पर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे हैं। वहीं मेजर मयंक के परिवार के सदस्य उधमपुर होने के कारण मुजफ्फरनगर से भी उनके रिश्तेदार उनके घर मेरठ पहुंचे हैं। शहीद मेजर मयंक विश्नोई के आवास पर पहुंचने वालों का तांता लगा हुआ है।
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