मेरठ में धर्मांतरण के शिकार हुए लावड़ के सौरभ गुप्ता की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। 12 साल पहले कोचिंग सेंटर संचालक की बहन ने सौरभ को रिहान बनाकर खतौली की सादमा से दोस्ती कराई। सादमा की मोहब्बत में वह खतौली में भी बस गया। 40-40 दिन की जमात में तीन बार गया और नमाज पढ़ी। मुस्लिम समुदाय के त्योहार मनाए। खतौली के फुलत में मौलाना कलीम ने उसका धर्मांतरण कराया। एटीएस ने सौरभ, सुशील जैन समेत तीन लोगों से इस बारे में जानकारी जुटाई है।
फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी कई साल से गैर समुदाय के लोगों का धर्मांतरण करा रहा था। फंडिंग कराने का ठेका भी मौलाना के पास ही था। इसकी पूरी आशंका है कि मौलाना का जाल मेरठ में भी फैला हुआ है। एटीएस को लावड़ के सौरभ गुप्ता से काफी जानकारी मिली। सौरभ 11 साल तक खतौली और मुजफ्फरनगर में रिहान बनकर अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहा। भाजपा के एक जनप्रतिनिधि को इसकी जानकारी लगी तो उसने सौरभ और मुजफ्फरनगर के सुशील जैन को वापस हिंदू समाज में लाने की योजना बनाई।