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Meerut Firing Case: चेहरे पर नहीं कोई पछतावा, 15 साल की उम्र में कर डाली ऐसी वारदात, हर कोई हैरान

Sun, 15 Jan 2023 12:05 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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घायल छात्रा - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में पुलिस से पूछताछ के दौरान आरोपी ने कहा कि मैंने ही छात्रा को बस में गोली मारी थी। उसने छात्रा की हत्या के इरादे से ऐसा किया था। इस घटना पर मुझे कोई पछतावा नहीं है। आत्मसमर्पण करते समय आरोपी के चेहरे पर न तो पुलिस का भय था और न ही घटना का कोई भी पछतावा। 

आरोपी ने बताया कि शादी से इन्कार के बाद वह उसका फोन भी नहीं उठा रही थी। उसका नंबर ब्लॉक करने के बाद से उसके सिर पर खून सवार हो गया था। साढ़े पंद्रह साल की उम्र में आईटीआई के छात्र के इस कारनामे को सुनने वाले लोग भी हैरान रह गए। किशोरावस्था में उसने यात्रियों से भरी बस में छात्रा पर फायरिंग की। इससे अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ गई थी।
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घायल छात्रा - फोटो : अमर उजाला
सीओ मवाना आशीष वर्मा ने बताया कि आरोपी ने तमंचा कहां से लिया, इसकी जांच की जा रही है। आरोपी के चेहरे पर घटना का पछतावा भी नहीं दिखा है।
 
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घायल छात्रा की जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
आत्मसमर्पण को लेकर उठे सवाल
पहले पुलिस की ओर से फलावदा चौराहे से आरोपी को पकड़ने की चर्चा थी। इसके बाद बताया गया कि एसएसपी ऑफिस पर आत्मसमर्पण किया गया है। इसे लेकर सवाल उठते रहे। यह भी चर्चा रही कि भाजपा के एक नेता के माध्यम से आरोपी ने एक पुलिस अधिकारी के यहां आत्मसमर्पण किया।

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घायल छात्रा - फोटो : अमर उजाला
गांव में युवक से खरीदा था तमंचा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि गांव के एक युवक से तीन हजार रुपये में तमंचा लिया गया था। पुलिस अब तमंचा देने वाले की तलाश भी कर रही है।
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छात्रा को मारी गोली - फोटो : अमर उजाला
ये बोले मनोचिकित्सक...
किशोर अवस्था में शरीर के साथ ही मनोवृत्ति में कई तरह के परिवर्तन होते हैं। इसलिए किशोरों के स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन, गुस्सा, अकेलापन जैसे लक्षण नजर आए तो उन सतर्क हो जाएं। इस अवस्था में किशोरों पर नियमित नजर रखी जाए। इस उम्र में अच्छे और बुरे की समझ विकसित नहीं होती है। जरूरत हो तो मनोचिकित्सक से परामर्श भी लेना चाहिए। - डॉ. तरुण पाल, मनोचिकित्सक
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
किशोर अवस्था में मानसिक विकास नहीं होता है। इसके चलते किशोर ऐसे कदम उठा लेता है। इस अवस्था में बच्चों की संगति पर भी ध्यान रखना चाहिए। मां-बाप निगरानी रखेंगे तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता है। बच्चा यू-टयूब या सोशल मीडिया पर क्या कर रहा है। इस पर भी नजर रखी जाए। - डॉ. रवि राणा, मनोचिकित्सक
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