फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

30-30 रुपये में रात को खरीदा था मौत का जाम, सुबह होते ही बिछने लगीं लाशें, झकझोर देंगी ये तस्वीरें

Sun, 10 Feb 2019 10:16 AM IST
Dimple Sirohi अवधेश पचौरी, अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
1 of 8
जहरीली शराब केस
सहारनपुर में गांव के लोगों ने मात्र तीस-तीस रुपये में अपनी ही मौत का सामान खरीद लिया। गांव में ही आसानी से मिली सस्ती शराब के चक्कर में खुद ही मौत के शिकंजे में जा फंसे। कई घर बर्बाद हो गए, दर्जनों लोगों की जान पर बन गई। ग्राम उमाही और सलेमपुर ही नहीं जिले के अलग-अलग गांवों के लगभग डेढ़ दर्जन लोगों पर जहरीली शराब ने न सिर्फ मौत का झपट्टा मारा, बल्कि कई लोगों अभी भी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

 
विज्ञापन

2 of 8
जहरीली शराब केस
सस्ती शराब इतनी महंगी पड़ी कि मौत के आगोश में जा फंसे। मौत का सामान लेने के लिए उन्हें कहीं और नहीं जाना पड़ा, गांव में ही उपलब्ध हो गया। वह भी मात्र तीस-तीस रुपये में। इतनी सस्ती और सुलभ शराब मिल जाने के कारण अपने को पीने से रोक नहीं पाए। 

 
विज्ञापन

3 of 8
जहरीली शराब केस
जिला अस्पताल में उपचाराधीन हरीचंद ने बताया कि गांव का ही पिंटू शराब बेचता था। गुरूवार को दोपहर लगभग तीन बजे ही उन्होंने तीस रुपये का पव्वा खरीदा था। शाम को उसने शराब पी। उत्तराखंड में राज मिस्त्री का काम करने के कारण अधिक आमदनी नहीं थी। गांव में ही सस्ती शराब मिल रही थी। रात में लगभग दो बजे उसकी तबियत खराब होनी शुरू हुई। वह तड़प उठा। लगा कि अब उसका बचना मुश्किल है। रात में ही परिजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए तैयार हुए, लेकिन मौसम बिगड़ा हुआ था। सुबह ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया। 
 

4 of 8
जहरीली शराब केस
अस्पताल में भर्ती राजकुमार ने बताया कि उसके भतीजे पिंटू से ही उसने शराब ली थी। शाम लगभग चार-पांच बजे उसने शराब पी। ठेके से शराब काफी महंगी मिलती है, इसलिए पिंटू से ही तीस रुपये में शराब ले ली थी। सुबह लगभग तीन बजे उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे पता चला कि रात में ही उसके भतीजे पिंटू की शराब पीने से मौत हो गई है तो वह और भी घबरा गया। तड़के ही परिजन उसे अस्पताल में लेकर आए और भर्ती कराया। सिर्फ ये ही नहीं अस्पताल में भर्ती गांव के डेढ़ दर्जन लोगों में से अधिकांश ने गांव की सस्ती शराब के चक्कर में अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। एसपी देहात विद्यासागर मिश्र का कहना है कि गांव के कुछ लोगों का कहना है कि पिंटू कहीं से शराब लाया था, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि बाहर से ही पीकर आए थे। 

 
विज्ञापन

5 of 8
जहरीली शराब केस
बड़गांव के ग्राम झबीरन, भगवानपुर, दल्हेड़ी, शिमलाना, खुदाबक्सपुर माजरा, सिसौनी शब्बीरपुर, अंबेहटा चांद में कच्ची शराब तैयार किए जाने की शिकायतें लगातार पुलिस से की जा रहीं हैं। झबीरन में कुछ स्थानों पर तो अनाज के बदले परचून की दुकानों पर कच्ची शराब मिल रही है। छापा मारकर गांव के जंगल में दबा हजारों लीटर लाहन नष्ट भी किया गया था। यही नहीं इस गांव के शराब बनाने के आरोपियों की महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर पथराव तक कर दिया था। वर्ष 2010 में बड़गांव के गांव भटपुरा में भी दो लोगों की कच्ची शराब पीने से मौत हुई थी। 
 
विज्ञापन

6 of 8
जहरीली शराब केस
गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के खजूरी अकबरपुर, नन्हेड़ा, बेद बेगमपुर, नागल अहीर, फिराहेड़ी, गडोला, बेहड़ी गुज्जर, कोलकी कला, ढाला माजरा, घड़कोली, चुन्हेटी शेख, खरखड़ी, शरबतपुर में लोगों को कई बार पकड़ा जा चुका है। शरबतपुर मे एक व्यक्ति को एक महीना पहले ईख के खेत में कच्ची शराब की भट्टी सहित पकड़ा था। अंबेहटा के ग्राम ढायकी, शेरपुर, कैंडल, चापरचीडी भी शराब की बिक्री की शिकायतें पुलिस को मिलती रहतीं हैं। देहात कोतवाली के गांव मढ़ के आसपास से वर्षों से आस-पास के गांव में शराब सप्लाई की जा रही है

 
विज्ञापन

7 of 8
death
नानौता क्षेत्र के ग्राम ढाकादेई, अनंतमऊ, भावसीरायपुर, सोना अर्जुनपुर, ओलरा, फतेहपुर, भोजपुर आदि में कसीदगी एवं कच्ची शराब बेची जाती हैं। कोतवाली बेट क्षेत्र के गांव मेघनमजरा, नगला खुर्द, फतेहपुर कलां, आलमपुर खुर्द, मिर्जापुर थाना के गांव जाटोवाला, शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो, शफीपुर, रायपुर, भुड्डी, भागू वाला, रहणा शाहपुर बांस आदि गांवो में कच्ची शराब की कसीदगी की शिकायतें कई बार लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन से की है। 
 
विज्ञापन

8 of 8
death
नकुड़ के गांव नठोड़ी, फतेपुर जट, सहसपुर जट, टाबर, रानीपुर, सिरसका, किशनपुरा, गंगोह के गांव गुड़छप्पर, शकरपुर, राजपुर लतीफपुर, दैदनोर, वजीरपुर, बड़गांव और सांगाठेडा में कच्ची शराब बनाने की शिकायतें पुलिस को मिलती रहीं हैं। अनेक बार पुलिस यहां छापेमारी कर शराब की भट्टियां ध्वस्त करा चुकी है।  रामपुर मनिहारन के ग्राम जानखेड़ा, कुराली, घाटेडा, भांकला, चकवाली, सिखेड़ा, लखनौती, गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव बानू खेड़ी, राजपुर डबकोला समेत कई गांव यमुना नदी से सटे होने के कारण इन गांवों में हरियाणा से शराब तस्करी की जाती है। 

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें