पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला सबसे अहम करवा चौथ व्रत महिलाओं के लिए हमेशा से खास रहा है। सोलह शृंगार कर चांद के दर्शन और पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत खोलने की परंपरा को सुहागिनें शिद्दत से निभाने के लिए आतुर रहती हैं। इस बार यह व्रत विशेष होगा। कई साल बाद करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र और मंगल का अमृत योग बन रहा है। यह पिया संग प्रेम को बढ़ाएगा और दांपत्य जीवन में खुशहाली लाएगा।
रोहिणी नक्षत्र के साथ वृष उच्च राशि में चंद्रमा का योग होने के कारण करवाचौथ को अधिक मंगलकारी बना रहा है। इसे अमर सुहाग योग भी कहा जा सकता है। इस योग में भगवान गणेश, चौथ माता व चंद्रमा का पूजन अखंड सौभाग्य और समृद्धि देने वाला है। करवा चौथ को लेकर विवाहित महिलाओं में उमंग देखते ही बन रही है। पर्व की पूर्व संध्या पर बुधवार को बाजार में शृंगार, पूजन सामग्री और ब्यूटी पार्लरों में सजने संवरने, मेहंदी लगवाने के लिए दिन भर महिलाओं की भीड़ लगी रही।