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Karva Chaut 2022: विशेष योग में व्रत आज, इस रंग के वस्त्र पहनें सुहागिनें, खुशहाल रहेगा दांपत्य जीवन

Thu, 13 Oct 2022 07:33 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सहारनपुर निवासी हिमांशी व कनिष्का - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ को लेकर मेरठ की महिलाओं में उमंग देखते ही बन रही है। जोर शोर से महिलाएं व्रत की तैयारियों में जुटी हैं। इस बार सुहागिनें करवाचौथ का व्रत 13 अक्तूबर यानी आज रख रहीं हैं। इस बार यह व्रत विशेष है। कई साल बाद करवाचौथ पर रोहिणी नक्षत्र और मंगल का अमृत योग बन रहा है। यह पिया संग प्रेम को बढ़ाएगा और दांपत्य जीवन में खुशहाली लाएगा।

सत्यभामा और मार्कंडेय योग भी बन रहा है जो अन्य योगों की तुलना में शुभकारी है। यह शुभ संयोग भगवान श्रीकृष्ण और सत्यभामा के मिलन के समय बना था। कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी कृत्तिका नक्षत्र में शुरू होकर रोहिणी नक्षत्र में संपन्न होगी। चंद्रोदय रात्रि में रात 08:10 बजे होगा। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि ऐसी  मान्यता है कि 27 नक्षत्र चंद्रमा की 27 पत्नियां हैं। इनमें से रोहिणी उन्हें विशेष प्रिय है। उन पर चंद्रदेव अपना सारा प्यार बरसाना चाहते हैं।
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पहली करवाचौथ - फोटो : अमर उजाला
विशेष फलदायी है व्रत
इसलिए रोहिणी नक्षत्र में पत्नी द्वारा पूजा और चंद्र दर्शन पति की दीर्घायु, स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए विशेष फलदायी होता है। इस बार मंगल भी चंद्रमा के अन्य नक्षत्र हस्त में स्थित है। इसलिए अजेय शक्ति भी साथ है। इस दिन सुहागिनें लाल वस्त्र धारण करें। सफेद या काले वस्त्र धारण न करें।
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करवाचौथ स्पेशल - फोटो : amar ujala
बन रहा मंगलकारी अमर सुहाग योग 
रोहिणी नक्षत्र के साथ वृष उच्च राशि में चंद्रमा का योग होने के कारण करवाचौथ को अधिक मंगलकारी बना रहा है। इसे अमर सुहाग योग भी कहा जा सकता है। इस योग में भगवान गणेश, चौथ माता व चंद्रमा का पूजन अखंड सौभाग्य और समृद्धि देने वाला है।

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करवाचौथ स्पेशल - फोटो : amar ujala
यह है करवाचौथ व्रत की पूजा विधि
सुबह सूर्योदय से पहले उठ जाएं। निर्जला व्रत का संकल्प लें। करवाचौथ में महिलाएं पूरे दिन जल-अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं हैं। फिर शाम के समय चंद्र दर्शन कर व्रत खोलती हैं। यह व्रत सूर्योदय से चांद निकलने तक रखा जाता है। चांद को अर्घ्य देने और दर्शन के बाद ही व्रत खोलने का नियम है।

 
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करवाचौथ स्पेशल - फोटो : amar ujala
चंद्रोदय से पहले करें शिव पार्वती की पूजा
चंद्रोदय से कुछ समय पहले शिव-पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। चांद निकलने के बाद महिलाएं पति को छलनी में दीपक रखकर देखती हैं और पति के हाथों जल पीकर उपवास खोलती हैं।
 
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- रात को चंद्रोदय का समय 08:10 बजे के बाद है। उस समय चंद्रोदय वृषभ लग्न में होगा। - राहुकाल -1:30 से - फोटो : amar ujala
यह है पूजन का शुभ मुहुर्त
वैसे तो अपराह्न 03:00 बजे के बाद कभी भी करवा बदलकर पूजन किया जाना शुभ होगा। शुभ और अमृत की चौघड़िया शाम 04:25 बजे से 07:27 बजे तक का समय विशेष योग वाला होगा।
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करवा चौथ 2022 - फोटो : istock
वृषभ लग्न में उदित होगा सुहाग का चांद
रात को चंद्रोदय का समय 08:10 बजे के बाद है। उस समय चंद्रोदय वृषभ लग्न में होगा।
राहुकाल -1:30 से 03:00 बजे दोपहर तक होगा।
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