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कारगिल विजय दिवस: मेरठ में तैनात '18 द्रास' ने पाक को चटाई धूल, वायुसेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब

Wed, 24 Jul 2019 05:14 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कारगिल युद्ध - फोटो : सोशल मीडिया
जिन्होंने अपनी बहादुरी की कलम से फतेह की एक और बेमिसाल तारीख लिख दी। कारगिल की वो बुलंद चोटियां जिनको तुमने अपने लहू से सींचकर तिरंगे की आन-बान-शान को रोशन कर दिया। वे आज भी गवाह हैं तुम्हारे बलिदान की। उन वीर जवानों की शहादत को नमन करते हुए इस वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस को 20 वर्ष पूरे होंगे। मेरठ में भी कारगिल विजय दिवस पर सेना की ओर से विशेष कार्यक्रमों की शुरूआत की गई - 

 
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कारगिल युद्ध - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 1999 में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने बगैर किसी आभास के अपने सैनिकों को एलओसी पार कराकर भारत की सीमा के अंदर भेज दिया। जनरल परवेज मुशर्रफ ने भारत की सीमा में कब्जा करने का प्लान तैयार किया। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी दुश्मनों की गोली का जवाब गोलों से देने का आदेश तीनों सेनाओं को सुनाया।

चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ जनरल वीपी मलिक के नेतृत्व में लड़ी गई कारगिल जंग अदम्य साहस का उदाहरण है। थल सेना दुश्मनों को खदेड़ रही थी और ऑपरेशन का नाम दिया गया ‘ऑपरेशन विजय’।
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कारगिल युद्ध
वायुसेना और नौसेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब
वायुसेना और नौसेना ने भी कारगिल युद्घ में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिए। वायुसेना ने ऑपरेशन ‘सफेद’ से आसमान से गोले बरसाने शुरू किए। वहीं, नौसेना ने ऑपरेशन ‘तलवार’ से पूर्वी और पश्चिमी बेड़ों को एकत्र कर अपनी उत्तरी और अरब सागर से कराची बंदरगाह से घेराबंदी कर दी। जिससे दुश्मन चारों तरफ से घिरता चला गया। दुश्मन के मंसूबों को नेस्तनाबूद करने के लिए तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने कुशल रणनीति से तिरंगा कारगिल की चोटियों पर लहरा दिया।  
 
 

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कारगिल युद्घ में तैनात भारतीय सेना
मेरठ में तैनात 18 द्रास ने दिखाया था जज्बा
22 जून 1999 को बटालियन को प्वाइंट 4700 से जंक्शन प्वाइंट तक की चौकियों तक कब्जा करने का आदेश हुआ। प्वाइंट 4700 काफी दुर्गम था। लेकिन 18 द्रास के सैनिकों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपने मुकाम को पूरा किया।

ऑपरेशन के दौरान 18 बहादुर जवानों ने प्राणों का बलिदान किया। इस अद्भुत कार्य के लिए बटालियन को बैटल ऑनर द्रास और थियेटर ऑनर कारगिल से सम्मानित किया गया। बटालियन को इसके लिए छह वीर चक्र, एक बार टू सेना मेडल, सात सेना मेडल, सात मेंशन इन डिस्पैच, दो थलसेनाध्यक्ष प्रशंसा पत्र भी मिले।  
 
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कारगिल जंग के बाद भारतीय सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला
यू ट्यूब पर कारगिल विजय दिवस फिल्म अपलोड
भारतीय सेना की ओर से यू ट्यूब एकाउंट ‘एडीजीपीआई-भारतीय सेना’ पर 9 मिनट की कारगिल विजय दिवस की फिल्म अपलोड की गई है। मंगलवार को अपलोड की गई फिल्म को अभी तक लाखों यूजर्स इसे देख चुके हैं। इस फिल्म के माध्यम से युद्ध के दौरान किस तरह से रणनीति बनाई गई दिखाया गया है। इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को भी लिया गया है। 
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कारगिल बैटल स्कूल - फोटो : ANI
गांधी बाग में खेल सहित अन्य कार्यक्रम
कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर 24 और 25 जुलाई को गांधी बाग में सिविलियंस के साथ सेना कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। आज आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का समय सुबह छह बजे से 9 बजे तक खेल के साथ अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं, 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के 20 वर्ष पूरे होने पर पाइन डिव में अमर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित किए जाएंगे।  
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कारगिल युद्घ में तैनात भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
खास बातें
  • 527 जवान शहीद हुए ।
  • जवानों ने 24 हजार से अधिक गोले दागे ।
  • 2 माह तक चली थी जंग।
  • युद्ध में 1363 जवान घायल हुए।
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