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अनोखे नजारे: 70 किलो वजनी कांवड़ के साथ डांस, तो कहीं पालतू कुत्ते भी हरिद्वार से लाए गंगाजल 

Fri, 19 Feb 2021 12:05 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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pcs exam - फोटो : amar ujala
पांव में छाले, थकान और रास्ते की तमाम बाधाओं के बावजूद शिवभक्त बोल-बम बम-बम कहते हुए मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। इसके चलते जिले की सड़कें भगवा रंग में रंग गई हैं। कोई नन्हें शिशु के साथ कांवड़ लेकर आया है तो कोई अपने पालतू कुत्ते के साथ हरिद्वार से जल लेकर हाईवे से गुजरा। आगे देखें इस कांवड़ यात्रा के अनोखे नजारे: -
 
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कांवड़ ले जाते भक्त - फोटो : अमर उजाला
कांवड़ यात्रा में यूं तो हरिद्वार से जल लाना महत्वपूर्ण होता है, लेकिन इस दौरान गंगाजल के साथ लाई जाने वाली कांवड़ों में सर्वाधिक कठिन ‘खड़ी कांवड़’ होती हैं। इस कांवड़ को लाने में परंपरागत नियमों का पालन किया जाता है। इसकी खास बात यह है कि इस कांवड़ को आरंभ से विश्राम तक खड़ा ही रखा जाता है। मुरैना और ग्वालियर क्षेत्र के 24 सदस्यों की टीम हाईवे से गुजरी। 

टीम सदस्यों ने बताया कि क्षेत्र से लगभग 200 लोग हैं जो कांवड़ ला रहे है। पंचम सिंह ने बताया कि उनकी टीम में 24 सदस्य हैं। टीम 21 जुलाई को जल लेकर चले थे। खड़ी कांवड़ होने के कारण सतर्कता भी अधिक रहती है। तीन दिन में एक व्यक्ति नौ घंटे ही सोया है। भूप सिंह ने बताया कि वे 29 जुलाई की रात तक मुरैना पहुंच जाएंगे।    
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meerut news - फोटो : amar ujala
बाइक पर कांवड़ 
भूमिया पुल से 14 युवकों की टीम बाइक से कांवड़ ला रही है। टीम ने अपने ग्रुप का नाम ‘महाकाल ग्रुप’ बताया। टीम में यश, विशाल, राजीव, वासू, विनय, अमित, शिवांशु, सागर, करण ने बताया कि वे सभी छात्र हैं। ऐसे ही कई अन्य ग्रुप भी हाईवे पर नजर आए जो बाइक से कांवड़ लेकर पहुंचे हैं। इनमें ज्यादातर दिल्ली व हरियाणा के युवक हैं।

हाईवे पर पहुंची महाराष्ट्र की टीम
महाराष्ट्र के सांगली क्षेत्र के बाइकर्स की टीम भी मोदीपुरम बाईपास पर पहुंची। पांच बाइक पर दस युवक सवार थे। इन्होंने बाइक पर आगे और पीछे पीले झंडे लगा रखे थे। युवकों ने बताया कि तीन दिन में महाराष्ट्र पहुंच जाएंगे।

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छात्रों ने उठाई वैकुंठी कांवड़ - फोटो : अमर उजाला
नवीं कक्षा के चार छात्रों ने उठाई वैकुंठी कांवड़
दिल्ली मंगोलपुरी निवासी चार किशोरों ने पहली बार भगवान शिव का नाम लेकर कांवड़ उठाई। साहिल, अमन, अभिषेक और मनीष ने बताया कि वे नौवीं कक्षा के छात्र है। इस बार उन्होंने कांवड़ लाने का प्रण लिया था। हरिद्वार से चलकर चारों छात्र बुधवार दोपहर कंकरखेड़ा खिर्वा बाईपास स्थित शिविर में पहुंचे। 

रविवार 21 जुलाई को उन्होंने जल उठाया था। छात्रों ने बताया कि वे दसवीं कक्षा में अच्छे नंबर पाना चाहते हैं इसके लिए उन्होंने कांवड़ उठाई है। यात्रा को उन्होंने थोड़ा कष्टदायक बताया। उनकी कांवड़ का वजन लगभग 60 किलो है। जिसे राष्ट्रध्वज से सजाया गया था। साथ ही कांवड़ पर मास्क भी लगाए गए थे।  
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नौ वर्षीय भविष्य दाएं - फोटो : अमर उजाला
दादी की इच्छा पूर्ति के लिए नौ वर्षीय भविष्य लाया कांवड़
दादी की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए नौ वर्षीय बच्चा भविष्य अपने दादा के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया। भोले का जयकारे लगाते हुए निरंतर गंणतव्य की ओर बढ़ता गया। न तो उसके चेहरे पर कोई सिकन थी और न ही पैरों में छाले। 

हरियाणा के शरदनगर निवासी नौ वर्षीय भविष्य पुत्र रमेश के दादा मलखान सिंह ने बताया कि, भविष्य ने आठ माह में ही जन्म ले लिया था उस समय वह बेहद कमजोर और बीमार हो गया था। उस समय उसकी दादी अंगुरी ने बच्चे को सही करने लिए भोलेनाथ से कांवड़ लाने की मनोकामनाएं मांगी थी। जिसके बाद सब कुछ ठीक हो गया था। भविष्य नौ साल का हुआ तो उसने अपनी दादी की इच्छा की पूर्ति के लिए कांवड़ लाने का संकल्प लिया। जिसको पूरा करने के लिए वह हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया है।
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कुत्तों के साथ कांवड़ लाया परिवार - फोटो : अमर उजाला
पालतु कुत्तों के साथ कांवड़ लाया परिवार
महिला कांवड़ियों में भी काफी उत्साह देखने को मिला। हरियाणा के झाझर निवासी महीपाल ने बताया कि वह दस साल से कांवड़ ला रहा है। इस बार टूटी सड़क मुसीबत बनी हुई है। कांवड़ मार्ग पर गड्ढों के कारण कांवड़ियों को परेशानी हो रही है। देवरिया का एक परिवार अपने पालतू कुत्तों के साथ कांवड़ लेकर हाईवे से गुजरा। इन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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70 किलो की कांवड़ के साथ डांस करता युवक - फोटो : अमर उजाला
70 किलो की कांवड़ के साथ अद्भुत डांस
वहीं इस दौरान गाजियाबाद के रहने वाले सूरज कुमार पुत्र स्व: राज कुमार 70 किलो का कांवड़ अपने कांधों पर रखकर भोले के भजनों पर हरिद्वार से नांचते हुए कांवड़ लेकर जा रहा था। जिसे देखकर सभी आश्चर्यचकित हो गए।  उसकी आस्था ही है जो इतना भारी वजन लेकर नांचते हुए भी उसके चेहरे पर जरा भी सिकन नहीं थी। वह मुस्कराता हुआ नाचते हुए जा रहा था।

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कांवड़ लेकर आया मुस्लिम बालक दानिश - फोटो : अमर उजाला
गंगा-जमुनी तहजीब आ रही सामने
दिल्ली के इंद्रलोक निवासी मुस्लिम बालक दानिश पुत्र मुनाजिर भी अपने दोस्तों के साथ कांवड़ लेकर आया। इसी तरह मुजफ्फरनगर जिले में गंगा-जमुनी तहजीब की एक मिसाल देखने को मिली।

शहर में शिवचौक के पास एक कांवड़ियां दीपक जला रहा था, लेकिन दीपक हवा के कारण बुझ रहा था। एक बुजुर्ग मुस्लिम ने यह देखा तो वह कांवड़िये के पास पहुंचे और दीपक को अपने हाथों से घेर लिया, जिससे वह हवा में न बुझे। इससे दीपक जल गया। कांवड़िये ने मुस्लिम बुजुर्ग का धन्यवाद किया। 
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गोल्डन बाबा - फोटो : अमर उजाला
गोल्डन बाबा ने कम किया सोना
गोल्डन बाबा के काफिले में फॉर्च्यूनर से लेकर टैंपू तक साथ चल रहे हैं। इस बार उनकी 26वीं विशाल कांवड़ यात्रा है। बीमारी के चलते उन्होंने इस बार 15 किलो सोना पहना हुआ है। छह किलो सोना कम कर दिया है। सुरक्षा में उनके साथ 85 पुरुष ओर महिला भक्त लगे हैं जो कि उनकी लगातार सेवा करते आ रहे हैं।
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