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मेरठ के रेड लाइट एरिया समेत देह व्यापार के लिए बदनाम हैं भारत की ये जगहें, देखें क्या है हकीकत

Tue, 22 Jan 2019 12:15 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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भारत में देह व्यापार या फिर वेश्यावृत्ति अनैतिक देहव्यापार कानून के तहत आते हैं। इस पर कितनी ही बार कानूनी मान्यता को लेकर चर्चाएं चलती रहीं हैं। लेकिन बिना कानूनी मान्यता के भी पूरे देश में यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है जिसकी आड़ में न जाने कितनी ही लड़कियों की जिंदगी अंधेरे, सीलन भरे कमरों में घुटकर खत्म हो जाती है। पूरे देश में कुल 1170 रेड लाइट एरिया हैं, जिनमें कोलकाता व मुंबई के रेड लाइट एरिया सबसे बड़े देहव्यापार इलाकों के रूप में बदनाम हैं। वहीं राजस्थान, उत्तर प्रदेश व उड़ीसा के भी कुछ क्षेत्र हैं, जहां देह व्यापार की प्रथा का लंबा इतिहास रहा है। यहां 'मुजरे' व 'नाच-गाने' के लिए जो स्थान कभी मशहूर हुआ करते थे बाद में यही वेश्यावृत्ति के अड्डों के रूप में बदनाम हो गए तब से अब तक यहां देह व्यापार चलता आ रहा है। आइए नजर डालते हैं देश के ऐसे ही रेड लाइट इलाकों पर जो देश भर में देहव्यापार के लिए बदनाम हैं: - 
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रेड लाइट एरिया
तीन लाख से ज्यादा जिंदगियों में है सिर्फ काला अंधेरा
कोलकाता सबसे बड़ा महानगर है और यहां एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया मौजूद है। बताया जाता है कि यहां कई बहुमंजिला इमारतें हैं जहां हजारों की संख्या में सेक्स वर्कर देह व्यापार में लिप्त हैं। यहां के कुछ इलाके में वेश्यावृति में लिप्त महिलाओं को लाइसेंस भी प्राप्त हैं। यहां विभिन्न समूह इस व्यापार में शामिल हैं। आंकड़ों की मानें तो यहां लगभग तीन लाख महिलाएं व अठारह साल से कम उम्र की दस हजार से भी ज्यादा किशोरियां देह व्यापर के इस काले दलदल में डूबी हैं जिनका भविष्य अंधेरे में हैं।
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रेड लाइट एरिया - फोटो : अमर उजाला
सपनों की नगरी में हर रोज टूटते हैं मासूम सपने
बॉलीवुड की आधुनिक चकाचौंध से सजे मुंबई शहर के बीच मौजूद कमाठीपुरा को एशिया के सबसे पुराने और दूसरे बड़े रेड लाइट एरिया के रूप में बदनाम माना जाता है। यहां न जानें कितनी ही मासूम लड़कियों  की जिंदगी इन तंग गलियों में बनी इमारतों में सिसक रही हैं। इस सपनों की नगरी में जहां ग्लैमर का ताना-बाना बुना जाता है लेकिन वहीं कमाठीपुरा के रेड लाइट एरिया की कुल नौ गलियों में न जाने कितने सपने शीशे की तरह टूटते हैं, जिनकी किरचें किसी की भी रूह को छलनी करने के लिए काफी हैं। आंकड़ों के मुताबिक यहां दो लाख से भी ज्यादा सेक्स वर्कर देह व्यापार के कारोबार में लिप्त हैं।

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दूसरे राज्यों से लाकर दलदल में धकेल दी जाती हैं लड़कियां
मेरठ शहर के बीचो बीच स्थित कबाड़ी बाजार का नाम सुनते ही एक नकारात्मक छवि दिमाग में बन जाती है। जी हां, यह बाजार कबाड़ के लिए नहीं बल्कि जिस्मफरोशी और देहर व्यापार के लिए पूरे देश में बदनाम है। यहां मौजूद सेक्स वर्कर्स की जिंदगी किसी नर्क से कम नहीं है। पुलिस कई बार ऐसी लड़कियों को भी रेस्क्यू करके छुड़ा चुकी है जिन्हें नेपाल और पश्चिमी बंगाल से तस्करी कर लाया गया और देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। ताजा स्थिति की बात करें तो जिला क्षय रोग अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक यहां साल 2009 से लगातार रेड लाइट एरिया चल रहा है। जहां लगभग 75 कोठे हैं और 400 से भी ज्यादा सेक्स वर्कर मौजूद हैं। हां, बस फर्क इतना है कि अब इन बदनाम गलियों में बदलाव की बयार बह रही है। यहां बच्चों को इन तंग गलियों से निकलकर स्कूल के लिए जाते हुए देखा जा सकता है।
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दिल्ली की बदनाम गलियों का नाम है जीबी रोड
गारस्टिन बास्टिन रोड यानी जीबी रोड, दिल्ली स्थित ये जगह भी इस खूबसूरत शहर पर एक कालिख की तरह है। हालांकि 1965 में इस स्थान का नाम स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया गया लेकिन, आज भी यहां देहव्यापार का धंधा खुलेआम चलता है। बताया जाता है कि मुगलकाल के दौरान यहां कई बड़े कोठे हुआ करते थे जिन्हें बाद में खत्म करके एक कर दिया गया। बताया जाता है कि यहां बने छोटे छोटे तंग कमरों में कई कई सेक्स वर्कर एक साथ रहने को मजबूर हैं।
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तीर्थनगरी के चरित्र पर काला धब्बा है मीरगंज का ये इलाका
कुंभ ने प्रयागराज को तीर्थस्थान के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध किया है लेकिन, कभी अपनी शिक्षा का केंद्र रहे इस शहर में एक ऐसी जगह है जो आस्था में डूबी इस तीर्थनगरी के चरित्र पर एक कलंक की तरह ही है। यहां पुरानी इमारतों के बीच मीरगंज इलाका वैश्यावृत्ति के लिए पूरे देश में बदनाम है। बताया जाता है कि यहां का यह रेड लाइट एरिया तकरीबन डेढ़ सौ साल से चल रहा है।
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रेड लाइट एरिया में छापा - फोटो : अमर उजाला
दलालों के चंगुल में फंसकर नर्क बन जाती हैं जिंदगियां
यहां आपको यह भी बता दें कि देश में प्रतिदिन तकरीबन दो हजार लाख रुपये का देह व्यापार होता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार 68 प्रतिशत लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर पहले फंसाया जाता है और धोखे से उन्हें इस काले दलदल में धकेल दिया जाता है। वहीं सत्रह प्रतिशत लड़कियां ऐसी हैं जिन्हें शादी के नाम पर फंसाकर लाया गया और हमेशा के लिए यहां छोड़ दिया। बड़ी बात यह भी है वेश्यावृति में लिप्त महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा ही बहस चलती रही हैं। वहीं एचआईवी एड्स का सबसे बड़ा कारण वेश्यावृति को माना जाता है।
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वेश्यावृत्ति को लेकर भारत में क्या हैं कानून
भारतीय दंड संहिता के अनुसार सार्वजनिक स्थान के नजदीक वेश्यावृत्ति करने या कराने पर सेक्स वर्कर को तीन माह की सजा हो सकती है। वहीं यदि सेक्स वर्कर नाबालिग है या उसके ग्राहक कम उम्र के हैं तो सात से दस साल की सजा का प्रावधान किया गया है। वहीं यदि कोई व्यक्ति वेश्यालय चलाता या चलवाता है या इसमें किसी तरह से लिप्त पाया जाता है तो उसे दो से पांच साल का कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।

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