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यूपी के दो भाइयों ने न्यूजीलैंड की तर्ज पर बनाया हाॅबिट हाउस, इसमें रहने वाले को नहीं होगा तनाव

Thu, 15 Oct 2020 07:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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hobbit house saharanpur - फोटो : अमर उजाला
रामपुर मनिहारान। देश में पहली बार न्यूजीलैंड की तर्ज पर हॉबिट हाउस का निर्माण किया है। यह कमाल कर दिखाया है उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रामपुर मनिहारन क्षेत्र निवासी दो सगे भाइयों ने।

हॉबिट हाउस की खास बात यह है कि वह बिना कूलर और एसी के गर्मी में ठंडा और सर्दी में गर्म रहता है। इसमें रहने वाला व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार नहीं होता और इसे योग साधना के लिए भी सबसे उतम माना गया है। यह अनोखा मकान दूर दूर तक चर्चा का विषय बना हुआ है। आगे जानें आखिर क्यों खास है यह अनोखा हाॅबिट हाउस:-
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hobbit house - फोटो : अमर उजाला
रामपुर मनिहारान तहसील के गांव मिर्जापुर निवासी दो सगे भाई (अमन प्रताप सिंह और काका) ने गांव में हॉबिट हाउस बनाने का काम दस माह पूर्व शुरू किया जो लगभग पूरा हो चुका है। अमन प्रताप सिंह ने बताया कि वह गूगल डॉट कॉम में गुड़गांव में नौकरी करते हैं।

 
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hobbit house - फोटो : amar ujala
डेढ़ वर्ष पूर्व वह कंपनी के कार्य से न्यूजीलैंड गए थे। वहां उन्होंने एक पहाड़ी क्षेत्र में एक गांव देखा, जिसमें सभी परिवार हॉबिट हाउस में रहते हैं। वहीं से उन्होंने यह तकनीक हासिल की और उनके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद गांव लौटकर उन्होंने स्वयं अपने खेत में हॉबिट हाउस बनाने का कार्य शुरू किया तो लोगों ने उनका उपहास उड़ाया। लेकिन इसकी परवाह न कर आज हॉबिट हाउस का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

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hobbit house saharanpur - फोटो : अमर उजाला
अब ग्रामीण उनकी इच्छा शक्ति को दाद दे रहे 
अमन प्रताप ने बताया कि इस हॉबिट हाउस को बनाने में छह लाख रुपये का खर्च आया है। हाउस के पास ही लकड़ी की एक मचान बनाई गई  है, इस पर रात्रि और दिन में विश्राम किया जा सकता है। इस मचान के नीचे वाहन की पार्किंग भी होगी।
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hobbit house saharanpur - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि इस हाउस में बैसमैंट है। ऊपर छत बनाने में लकड़ी का प्रयोग किया है। दीवारें ईंट से बनाई गई है। नीचे फर्श में भी लकड़ी का प्रयोग किया गया है।

इसमें प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर प्लेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें बिजली का प्रयोग नहीं किया जाता । छत पर हरी घास उगाई जाएगी। ताकि यह हर मौसम में अपने आप ढाल लेता है गर्मी में ठंडा और सर्दी में गर्म रहता है।
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hobbit house saharanpur - फोटो : अमर उजाला
हॉबिट हाउस को बनाने के लिए विशेष प्रकार के औजार आते हैं, जिसका उन्होंने खुद इस्तेमाल कर इसे बनाया है। उन्होंने कहा कि वह स्वरोजगार को लेकर शीघ्र ही पांच अन्य हॉबिट हाउस का निर्माण करेंगे। इसके लिए उन्होंने हरिद्वार व ऋषिकेश को चुना है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में एक हॉबिट हाउस बनाने में दो लाख तक खर्च आएगा।
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hobbit house - फोटो : amar ujala
हाबिट हाउस में रहने वाला नहीं होता डिप्रेशन का शिकार
अमन प्रताप सिंह ने बताया कि डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति यदि हॉबिट हाउस में रहे तो वह इस बीमारी से मुक्त हो जाता है, योग साधना के लिए इससे बढ़कर कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने बताया हॉबिट हाउस पूर्ण रूप से प्रदूषण मुक्त होता है और इसकी आयु 80 वर्ष तक होती है। वहीं यह एकांत में होते हुए शोरगुल से भी मुक्त रहता है, जबकि मचान पर जंगल की शुद्ध हवा मिलती है, इससे मन प्रसन्न चित रहता है।
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hobbit house - फोटो : amar ujala
हॉबिट हाउस में पानी के लिए मिट्टी के घड़े का प्रयोग होता है और प्रांगण में भरपूर हरियाली रहती है। यह आधा जमीन के नीचे और आधा जमीन के ऊपर होता है। अमन प्रताप ने बताया कि उनकी बेटी का जन्म दिन 6 दिसंबर को है, उसी दिन वह इस हॉबिट हाउस की ओपनिंग भी करेंगे।

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