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गुदड़ी बाजार तिहरा हत्याकांड: सभी आरोपी दोषी करार, घूंघट में आई शीबा, कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया इजलाल

Thu, 01 Aug 2024 06:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के चर्चित गुदड़ी बाजार हत्याकांड में फैसले को लेकर हर किसी की निगाहें दिन भर टिकी रही। अदालत ने युवती शीबा समेत सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा पर पांच अगस्त को सुनवाई होगी। मृतक तीन बेटों की रूह को आज सुकून मिला तो वहीं पीड़ित परिजनों को इंसाफ की आस जागी है। आज सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया। इस दाैरान आरोपी युवती घूंघट में कोर्ट पहुंची।
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कोर्ट लाए गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
ये घटना 23 मई 2008 की है। आज से 16 साल पहले तीन दोस्तों को दोस्ती का वास्ता देकर बुलाया और बड़ी ही बेरहमी से तीनों को बारी-बारी से क्रूरता से माैत के घाट उतार दिया। इस वारदात का जब खुलासा हुआ तो शहर में आक्रोश फैल गया था। शहर में हर तरफ आक्रोश था। जांच में सामने आया कि हत्या की वजह एक युवती की माैजूदगी थी, जिसकी वजह से इजलाल ने तीन दोस्तों की जिंदगी को माैत की भेंट चढ़ा दिया।
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कोर्ट लाए गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
23 मई, 2008 को बागपत के बालैनी गांव के जंगल में हिंडन नदी के किनारे दिन के पाैने बारह बजे एक कार में तीन युवकों की लाश मिली। इनकी पहचान मेरठ कॉलेज के छात्र सुनील ढाका निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्जवल निवासी सिरसली बागपत के रूप में हुई। तीनों युवकों की लाश देखकर जनाक्रोश फैल गया था। मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी थी।

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कोर्ट में लगा फोर्स - फोटो : अमर उजाला
24 मई को सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इन तीन युवकों की हत्या कोतवाली मेरठ के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल के घर पर हुई थी। पुलिस के अनुसार हाजी इजलाल ने एक युवती के चक्कर में हुए विवाद के चलते अपने साथियों के साथ इस तिहरे हत्याकांड को बड़ी नृशंसता के साथ अंजाम दिया था। 

मामला दो समुदाय से जुड़ा होने पर शहर में आक्रोश के साथ माहौल तनावपूर्ण हो गया था। हत्याकांड के विरोध में शहर के बाजार बंद रहे। पुलिस ने हाजी इजलाल व उसके चारों भाइयों को जेल भेजा था।
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कोर्ट लाए गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
हाजी इजलाल के घर में जिस जगह पर इस वारदात को अंजाम दिया गया, वहां सड़क से लेकर चबूतरे तक खून ही खून फैला था। पुलिस मौके पर पहुंचती इससे पहले ही खून साफ कर दिया गया।  

पुलिस ने मुख्य आरोपी इजलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कई माह तक कोतवाली के गुदड़ी बाजार से लेकर शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस अलर्ट रही थी।
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इस हत्याकांड को लेकर मेरठ में चौतरफा हाहाकार मचा हुआ था। छात्र और गैर-राजनीतिक संगठनों ने ऐलान किया कि वे कातिलों को नहीं छोड़ेंगे। हत्यारोपी हाजी इजलाल मीट व्यापारी होने के साथ रसूख वाला था। उसने पुलिस से साठगांठ करने का भी खूब प्रयास किया। सबूत तक खत्म कराकर केस को कमजोर करने की कोशिशें कीं। इस चर्चित हत्याकांड की चार्जशीट दाखिल होने तक पुलिस का इम्तिहान चला।
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सुधीर उज्ज्वल, सुनील ढाका, पुनीत गिरि - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों युवकों का गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी के साथ झगड़ा हुआ था। जांच में सामने आया कि इजलाल की जिस युवती से दोस्ती थी उसे तीनों युवकों का इजलाल से मिलना-जुलना पसंद नहीं था। इसे लेकर कई बार इजलाल की तीनों युवकों से कहासुनी हो चुकी थी।

 पुलिस के आरोप पत्र के मुताबिक झगड़े के बाद इजलाल ने अपने भाइयों के साथ मिलकर तीनों युवकों को पकड़ लिया। तीनों की पहले पाइपों से बुरी तरह पिटाई की। इसके बाद तीनों को गोलियां मारीं। इजलाल के दिल में तीनों युवकों के लिए नफरत इस कदर घर कर गई थी कि उसके एक इशारे पर उसके भाइयों ने पशु काटने के छुरे से तीनों युवकों के गले काट डाले। आंखें तक नोच ली गईं, कई अंग काटे गए, हर तरफ खून बिखरा था। समरर्सिबल चलाकर तीनों शव पानी से धोकर कार की डिग्गी में रखवाए। इसके बाद तीनों शव नदी किनारे ले जाकर गाड़ी सहित छोड़ आए।

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गुदड़ी बाजार हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इस मामले में हाजी इजलाल, उसके भाई अफजाल व परवेज समेत दस आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कुल 14 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हुई। इनमें हाजी इजलाल कुरैशी, परवेज और अफजाल पुत्रगण स्वर्गीय इकबाल, मेहराज पुत्र मेहताब, इसरार पुत्र रशीद, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र स्वर्गीय उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श, शम्मी और माजिद के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करते हुए हत्याकांड को साबित करने के लिए कुल 37 गवाहों के नाम दिए। युवती को इस मामले में इजलाल को घटना के लिए उकसाने का आरोपी बनाया गया। हालांकि युवती बाद में कोर्ट से स्टे ले आई थी।
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इस मामले में सिर्फ एक आरोपी शम्मी जेल में है। बाकी सभी आरोपियों की जमानत हो चुकी है। पीड़ित परिजनों की आंखों से16 साल तक आंसू नहीं सूखे वहीं हर तारीख पर इंसाफ का इंतजार होता रहा। इस मामले में मुख्य आरोपी हाजी इजलाल 14 वर्ष जेल में रहा, इसके बाद जमानत पर बाहर आ गया और अपना कारोबार में व्यस्त रहा। आज कड़ी सुरक्षा में उसे कोर्ट लेकर जाया गया। अदालत ने युवती समेत सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। अब सजा पर पांच अगस्त को सुनवाई होगी।

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