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CDS Bipin Rawat Death: शिष्य बिपिन रावत के निधन पर छलक आईं गुरु की आंखें, उठे और सिर्फ इतना ही बोल पाए...

Thu, 09 Dec 2021 12:22 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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गुरु प्रो. हरवीर शर्मा और शिष्य बिपिन रावत। - फोटो : amar ujala
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बिपिन रावत का मेरठ से गहरा नाता था। मेरठ कॉलेज से उन्होंने पीएचडी की, कई बार छावनी भी आए। बुधवार को उनके हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना आई तो मेरठ कॉलेज में पीएचडी के उनके गुरु रहे प्रो. हरवीर शर्मा व्याकुल हो गए। कुछ देर बाद उनके निधन की खबर आ गई, तो आंखों से आंसू छलकने लगे। बस इतना ही बोल पाए कि बहुत अच्छे अधिकारी होने के साथ, बहुत अच्छे स्टूडेंट भी थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।  

सिविल लाइन मानसरोवर निवासी 81 वर्षीय मेरठ कॉलेज के रिटायर प्रोफेसर हरवीर शर्मा बताते हैं कि सीडीएस बिपिन रावत से पहली मुलाकात तब हुई, जब उन्होंने पीएचडी करने की इच्छा जताई। मेरठ कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग में एडमिशन लिया। उनके निर्देशन में वर्ष 2011 में पीएचडी की डिग्री पूरी की। उस समय सीडीएस रावत मेजर जनरल थे। उनकी पोस्टिंग दिल्ली सेना के हेडक्वार्टर में थी। उनके शोध का विषय मिलिट्री मीडिया स्ट्रेटेजिक स्ट्डीज, जियो स्ट्रेटजिक अप्रेजल ऑफ द कश्मीर वैली रहा। बेहद व्यस्त शेड्यूल होने के बावजूद वे कई बार मेरठ आए। प्रो. हरवीर शर्मा बताते हैं कि आरडीसी होने के बाद वे मिठाई लेकर मानसरोवर स्थित आवास पर आए थे। वायवा के दौरान दो बार चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय भी आए।
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सीडीएस जनरल बिपिन रावत (1958 - 2021) - फोटो : अमर उजाला
प्रो. हरवीर शर्मा बताते हैं कि शोध के दौरान उन्होंने कभी ये अहसास नहीं होने दिया कि वे इतने बड़े सैन्य अधिकारी हैं। स्टूडेंट की तरह सिर्फ सुनते रहते थे। जब वे चीफ डिफेंस स्टाफ-सीडीएस बने तो उन्होंने पत्र में लिखा कि वह बहुत भाग्यशाली हैं कि आपके जैसे गुरु मिले। 
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प्रो. हरवीर शर्मा व सीडीएस बिपिन रावत - फोटो : अमर उजाला
वहीं प्रो. हरवीर शर्मा को जब उनकी पत्नी कमला शर्मा और पोते गोविंद शर्मा ने दोपहर को बताया कि न्यूज में उनका हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना आ रही है तो बीमार होने के बावजूद वे उठकर टीवी के सामने बैठ गए। आंखें नम हो गईं। प्रार्थना करने लगे। कुछ घंटे तक उम्मीद रही लेकिन जब उनके निधन की खबर आई तो भावुक हो गए। बोले, मेरे बहुत ही प्यारे स्टूडेंट रहे। बहुत दुखी हूं। 

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जनरल बिपिन रावत - फोटो : अमर उजाला
मेरठ कॉलेज में नहीं कोई फोटो 
मेरठ कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग से सेना के बहुत से बड़े अफसर पीएचडी कर चुके हैं। अभी भी मेजर जनरल पीएचडी कर रहे हैं। मेरठ कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग के प्रोफेसर डॉ. हेमंत पांडेय बताते हैं कि विभाग में बिपिन रावत की कोई फोटो नहीं है। 
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जनरल बिपिन रावत - फोटो : अमर उजाला
मेरठ छावनी में भी आए कई बार 
सीडीएस बिपिन रावत मेरठ छावनी में भी कई बार आए। मेजर जनरल के अलावा सेनाध्यक्ष बनने के बाद भी वे आए। सीडीएस बनने के बाद इसी साल 19 अप्रैल को मेरठ छावनी के दौरे पर आए। यहां पश्चिम यूपी सब एरिया के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ उन्होंने घंटों विचार-विमर्श किया था।
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