हस्तिनापुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कई गांव पानी से घिरे हुए हैं और टापू में तब्दील हो चुके हैं। गंगा अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात हैं।
हस्तिनापुर में गंगा का रौद्र रूप हस्तिनापुर में कहर बनकर टूटा है। बीते 24 घंटे से लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है। नदी का पानी बाहर निकलकर खादर क्षेत्र के गांवों में घुस चुका है, जिससे हालात बाढ़ जैसे बन गए हैं। कई गांव अब पूरी तरह टापू जैसे दिख रहे हैं, जिनके चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी है।
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हस्तिनापुर में गंगा उफान पर
- फोटो : संवाद
गांवों के संपर्क मार्ग टूटे
गंगा के उफान से हस्तिनापुर से चांदपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो चुका है। संपर्क मार्ग पर पानी बहने से आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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हस्तिनापुर में गंगा उफान पर
- फोटो : संवाद
जलस्तर अब भी खतरे के ऊपर
हरिद्वार से 2.50 लाख क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 2.40 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज गंगा में हो रहा है। इससे गंगा का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।
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हस्तिनापुर में गंगा उफान पर
- फोटो : संवाद
अलर्ट मोड में प्रशासन
बुधवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी खादर क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। हालातों को देखते हुए राहत कार्यों की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ग्रामीण लगातार प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं, और हालात की गंभीरता से अवगत करा रहे हैं।
अगले 24 घंटे नाजुक
ग्रामीणों और अधिकारियों का मानना है कि अगले 24 घंटे काफी निर्णायक हो सकते हैं, क्योंकि जलस्तर अभी और बढ़ने की आशंका है। आधा दर्जन गांव बाढ़ के पानी की चपेट में हैं। ग्रामीण भयभीत हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।