मेरठ में लव ट्रैप
- फोटो : अमर उजाला
आपत्तिजनक बातें लिखकर सोशल मीडिया पर शेयर करते थे छात्राओं के फोटो
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुस्लिम महिलाओं और छात्राओं के फोटो-वीडियो काॅलेजों, यूनिवर्सिटी और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बनाकर झूठे आरोप लगाकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म व इस्लामिक कंटेंट जैसे ग्रुपों में डालते थे ताकि इससे छात्र-छात्राओं पर दबाव बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ा जा सके।
ऐसे फोटो और वीडियो देखकर लोगों में गुस्सा बढ़ता था। कई लोग ऐसे वीडियो शेयर करते थे। इससे उनके लाइक्स और फोलोअर्स भी बढ़ते थे। सीओ ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।