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Explosion in Factory: फैक्टरी में बन रही थी खिलौना रिवॉल्वर की रिंग, घातक है मिसाइल का बारुद

Wed, 18 Oct 2023 12:19 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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खिलौना बंदूक - फोटो : Amar Ujala
बच्चों की खिलौना रिवाल्वर का नाम सुनते ही जेहन में मामूली छोटी सी प्लास्टिक की गन की तस्वीर उभर आती है। लेकिन इस खिलौना रिवाल्वर के रिंग के साथ जब मिसाइल यानी शॉट का कॉकटेल होता है तो ये बेहद खतरनाक हो जाता है। रॉकेट की तरह शॉट तेजी से ऊपर जाता है और धमाका भी होता है। कहने को ये खिलौना रिवाल्वर है, लेकिन व्यक्ति को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है।

पूरे मेरठ एनसीआर में इन रिवाल्वर का दिवाली पर बड़ा मार्केट होता है। इनके लिए ही अवैध रूप से मिसाइल बनाई जाती है। लोहिया नगर में किराये पर बिल्डिंग लेकर जागृति विहार का गौरव गुप्ता जो मिसाइल तैयार कर रहा था, ये इन्हीं खिलौना रिवाल्वर में इस्तेमाल की जाती हैं। 
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विस्फोट के बाद मौके से मिले स्काई शॉट - फोटो : Amar Ujala
खिलौना रिवाल्वर सिर्फ मार्केट में ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी उपलब्ध है। पांच सौ रुपये तक की कीमत में मिलने वाली इस प्लास्टिक की रिवाल्वर में आठ डॉट का गोल रिंग डलता है। इसको जब आप रिवाल्वर में डालकर ट्रिगर दबाते हैं तो मामूली सी चिंगारी के साथ हल्की सी आवाज आती है। ये खतरनाक नहीं होती है। लेकिन पिछले कई साल से इसको बेहद खतरनाक बना दिया है। 
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मौके से मिले पटाखे - फोटो : Amar Ujala
इस प्लास्टिक की रिवाल्वर के लिए मिसाइल यानी शॉट तैयार कर लिए गए हैं। एक इंच की लंबाई वाली इस मिसाइल में अंदर हल्का सा बारुद चिपका रहता है। इसमें अंतिम छोर पर बंद करने की जरूरत भी नहीं होती है। रिवाल्वर में आठ डॉट वाला गोल रिंग डालने के बाद उसकी नली में मिसाइल यानी शॉट डाल दिया जाता है। ट्रिंगर दबाने के बाद जैसे ही चिंगारी निकलती है तो वह मिसाइल के भीतर भरे बारुद के सपंर्क में आते ही गोली की तरह काम करती है। 
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मेरठ में विस्फोट - फोटो : Amar Ujala
ये किसी पक्षी को लग जाए तो उसकी जान जाना निश्चित है। किसी व्यक्ति को लग जाए तो जलना निश्चित है। ऐसे में इसे सिर्फ बच्चों की खिलौना रिवाल्वर समझकर उनके हाथ में न दें। ये उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। 

मार्केट में धड़ल्ले से बिकने के कारण ही इसके शॉट अवैध रूप से बन रहे हैं। गौरव गुप्ता की फैक्टरी में जो शॉट मिले हैं, ये टाइटेनिक ब्रांड के नाम से बनाए जा रहे थे।
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