coronavirus
- फोटो : amar ujala
कोविड-19 अस्पताल के प्रभारी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि शुरुआत में दवा और ट्रीटमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, हम उस वक्त मरीज को केवल सिस्टमेटिक दवा देते थे, गर्म पानी पिलाते थे।
फिर जानकारी मिली की कोरोना के मरीजों को मलेरिया में दी जाने वाली क्लोरोक्विन, एंटी-रेट्रोवायरल ड्रग, स्वाइन फ्लू में दी जाने वाली टेमीफ्लू व गले की दवा एजिथ्रोमाइसिन का कॉम्बीनेशन मरीजों को देना शुरू किया। जिसका अच्छा असर देखा गया। इसके बाद बाद मरीजों की हालत में तेजी से सुधार हुआ।