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एनकाउंटर: मेरठ में सुपुर्द-ए-खाक किए गए अकबर बंजारा और सलमान के शव, जुटा भारी हुजूम, पुलिस-फोर्स तैनात

Thu, 21 Apr 2022 12:24 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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अकबर बंजारा के शव फलावदा में किए सुपुर्द-ए-खाक - फोटो : amar ujala
मेरठ के फलावदा क्षेत्र के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय गो-तस्कर अकबर बंजारा और उसका भाई सलमान असम में ढेर हो गए। गुरुवार सुबह उनके शव फलावदा में पहुंचे, जहां पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों के शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिए गए। वहीं पिता ने अपने बेटों को बेकसूर बताते हुए रसूखदारों पर साजिशन पुलिस से उनके एनकाउंटर की बात कही है। 

बता दें कि अकबर बंजारा पर असम पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अकबर बंजारा और उसके दोनों भाई सलमान व शमीम को एक सप्ताह पहले फलावदा पुलिस ने गो-तस्करी और राजमिस्त्री से रंगदारी मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया था। इसके बाद असम पुलिस ने 14 अप्रैल को बी-वारंट ले लिया।  

असम पुलिस सोमवार की रात 1:15 बजे कोकराझार में समुद्र के रास्ते गो-तस्करी का नेटवर्क देखने के लिए अकबर और सलमान को लेकर जा रही थी। तभी उग्रवादियों ने गोलियां बरसा दीं। पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे। गाड़ी के अंदर बैठे अकबर बंजारा और सलमान घायल हो गए।
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
पुलिस अकबर और सलमान को पीएचसी में ले गई, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से एक एके-47, दो मैगजीन, 35 राउंड गोला-बारूद और 28 खोखे मिले हैं। असम में इस घटना के बाद एसएसपी मेरठ ने फलावदा में एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात कर दी थी। गुरुवार को भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दोनों के शव फलावदा के क्षेत्रीय कब्रिस्तान में दफना दिए गए। 

असम पुलिस ने अकबर का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी कनेक्शन बताया है। दावा है कि गो-तस्करी की कमाई का इस्तेमाल आतंकी संगठनों को फंडिंग के लिए भी होता था।  
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी कर रही थी पुलिस
मेरठ पुलिस अकबर बंजारा की गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने की तैयारी में थी। पुलिस ने आयकर विभाग को भी चिट्ठी लिखी है, ताकि उसकी संपत्ति की जांच कराई जा सके। पुलिस ने बताया कि अकबर बंजारा तस्करी कर असम से बंगलादेश में मीट सप्लाई करता था। फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ले में अकबर बंजारा परिवार के साथ करीब 15 साल से रह रहा था।  

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मेरठ पुलिस ने अकबर की कार को किया था सीज। - फोटो : amar ujala
असम पुलिस ने दावा किया है कि तस्करी से होने वाली अवैध कमाई राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लगाई जा रही थी। यह नेटवर्क देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चिंता का विषय है। अकबर और सलमान से पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि गो-स्तकरी, टेरर फंडिंग और आईएसआई के लिंक की गहन जांच में कुछ और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
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मुठभेड़ में बदमाश ढेर। - फोटो : amar ujala
अकबर बंजारा का पिता पीरू बंजारा करीब 50 साल पहले फलावदा में आकर बसा था। पीरू पशुुओं की खरीद-फरोख्त का काम करता था। अकबर भी पिता के साथ इसी काम में लग गया। बाद में अकबर ट्रक चलाने लगा और उसने पंजाब, हरियाणा, असम समेत कई राज्यों में पशु व्यापारियों से संबंध बना लिए। वर्ष 2015 में अकबर बंजारे की दोस्ती असम में गो-तस्कर पीपी रेड्डी से हो गई। इसके बाद अकबर ने कई राज्यों में तस्करी शुरू कर दी। 
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सलमान। - फोटो : amar ujala
बंजारा ने रोजाना करीब 150-200 मीट से लदे ट्रक दूसरे राज्यों में भेजने शुरू कर दिए। असम में अकबर बंजारा के खिलाफ एक के बाद एक 12 मुकदमे दर्ज कराए गए। वह पूरा नेटवर्क फोन पर चलाता था। दो लाख का इनाम घोषित करने के बाद असम पुलिस एक साल से उसकी तलाश में लगी थी।
 
तमाम प्रयासों के बावजूद भी असम पुलिस उसको गिरफ्तार करने में नाकाम रही। मेरठ पुलिस के अकबर और सलमान को गिरफ्तार करने पर असम पुलिस ने मेरठ पुलिस को दो लाख रुपये का इनाम भी दिया था।
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गो-तस्कर अकबर बंजारा। - फोटो : amar ujala
मृतक बदमाशों के पिता हाजी पीरू बंजारा ने मीडिया को बताया कि उनके बेटों को साजिश के तहत मरवाया गया है। बेटा पहले असम में पशुओं का व्यापार करता था। करीब पांच वर्ष पूर्व कारोबार उसके बेटों ने संभाल लिया था। असम में कुछ लोगों ने गोवंश पकड़े जाने पर उसके बेटों का नाम ले दिया था।

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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
असम के दो मुकदमे के अलावा उसके बेटों पर कोई अपराधिक मुकदमे दर्ज नहीं थे। पीरू ने बताया कि पिछले दिनों पुलिस द्वारा फलावदा में पकड़े गए ट्रक में दर्ज किया गया गो-तस्करी का मामला भी उसके बेटों पर ही लगा दिया गया था। एक मामले में फैसला होने के बावजूद पड़ोसी की तहरीर पर फलावदा पुलिस ने रंगदारी का मुकदमा दर्ज कर लिया। पीरू ने कहा कि अकबर के पास एक मकान व एक मार्केट है, जो लोन लेकर बनाया गया है। 
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
योगी सरकार में अकबर खुलेआम गो तस्करी कर मीट की सप्लाई कर रहा था और स्थानीय पुलिस उसको गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। स्थानीय पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत भी नहीं थे, जबकि वह मीट सप्लाई करने का धंधा लगातार कर रहा था। पुलिस का दावा है कि अकबर बंजारा को भाजपा नेता भी संरक्षण मिला हुआ था। पुलिस अब इसकी छानबीन में जुटी है।
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