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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: गो-तस्कर अकबर बंजारा को लेकर सामने आया ये खौफनाक सच, आईएसआई से भी निकला कनेक्शन

Thu, 21 Apr 2022 12:41 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मुठभेड़ में बदमाश घायल। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में गो-तस्करों के नेटवर्क का आईएसआई से कनेक्शन और इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल टेरर फंडिंग के लिए किए जाने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। अकबर को किन सफेदपोशों का संरक्षण था इसका पता लगाया जा रहा है। मेरठ पुलिस ने भी अकबर, सलमान और शमीम के आठ मोबाइल की सीडीआर निकालने की बात कही है। उनके बैंक खाते और संपत्ति की जांच शुरू कर दी है।

फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ला निवासी अकबर बंजारा व उसका भाई सलमान मंगलवार को असम में पुलिस कस्टडी में हुए उग्रवादियों के हमले में मारे गए थे। असम पुलिस 14 अप्रैल को अकबर व सलमान को मेरठ से बी-वारंट पर ले गई थी।
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मुठभेड़ में बदमाश ढेर। - फोटो : amar ujala
असम पुलिस का दावा है कि उग्रवादियों के हमले में मारे जाने से पहले दोनों भाइयों से अहम सुराग मिले हैं। दावा है कि अकबर के नेटवर्क का लिंक पाकिस्तान की आईएसआई से था। गो-तस्करी से अर्जित अवैध धन आईएसआई और कुछ चरमपंथी संगठनों को भी जाता था।
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गो-तस्कर अकबर बंजारा। - फोटो : amar ujala
बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों ने फलावदा पुलिस ने अकबर बंजारा और उसके परिवार की पूरी जानकारी ली। अकबर बंजारा करीब सात साल से अवैध तरीके से गोमांस की तस्करी करता था। 

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मुठभेड़ में अकबर बंजारा और सलमान ढेर। - फोटो : amar ujala
पुलिस के अनुसार असम में रेड्डी गैंग से उसके संबंध होने के बाद उसका नेटवर्क विदेशों तक फैल गया था।
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गौ - तसकर, अकबर बंजारा - फोटो : अमर उजाला
हर पहलू पर होगी जांच
एसपी देहात केशव कुमार ने बताया है कि मेरठ में गिरफ्तारी के दौरान अकबर बंजारा और उसके दोनों भाई सलमान, शमीम से छह मोबाइल बरामद हुए थे। आईएसआई कनेक्शन और टेरर फंडिंग की भी गहनता से जांच की जा रही है। इनके नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग थे, इसकी जांच की जा रही है।
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