ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार यों ही खास नहीं थे। उनका मेरठ से गहरा नाता रहा। यहां उनका जब-तब आना-जाना ही नहीं हुआ था, वह यहां के लोगों के दिलों में बसते थे। हर किसी के पास उनके अपनेपन के किस्से हैं। इनसे पता चलता है कि फिल्मी दुनिया में व्यस्तता के बावजूद वह निजी रिश्तों को पूरी अहमियत देते थे। बुधवार को उनकी मौत के बाद तमाम लोगों ने उन्हें शिद्दत से याद किया।
दिलीप कुमार मेरठ में जलकोठी स्थित नादिर अली एंड कंपनी वालों के परिवार के पास कई बार आए और यहां रहे। इस परिवार से दिलीप कुमार के पारिवारिक रिश्ते रहे। उनके इंतकाल की खबर से परिवार के लोग बेहद दुखी नजर आए। नादिर अली एंड कंपनी के डायरेक्टर फाईज आफताब ने बताया कि उनके ताया मोहम्मद सईद दिल्ली स्थित चांदनी चौक में इंदिरा फिल्म डिस्ट्रीब्यूटिंग कंपनी चलाते थे। वह नई फिल्में लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सिनेमा में पहुंचाते थे।
दिलीप कुमार और मोहम्मद सईद के व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ पारिवारिक रिश्ते थे। बताया गया कि दिलीप कुमार की लीडर फिल्म में ‘मुझे दुनिया वालो शराबी न समझो...’ में जो ट्रंपेट बजाया था, वह ताया मोहम्म्द सईद ने दिलीप कुमार को तोहफे में दिया था। वह ट्रंपेट मेरठ की नादिर अली एंड कंपनी में तैयार किया गया था। परिवार ने दिलीप के साथ खिंचाए फोटो संजो कर रखे हैं। परिवार वाले बताते हैं कि जब 16 जनवरी, 2002 को ताया सईद का इंतकाल हुआ तो दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने फोन पर शोक संवेदना व्यक्त की थी।