दारुल उलूम
यहां तालीम हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या तकरीबन साढ़े तीन हजार है। देश विदेश से भी यहां लोग शिक्षा लेने आते हैं। खास बात यह है कि यहां पढ़ने वालों को रहने खाने और पढ़ने की सभी सुविधाएं मुफ्त दी जाती हैं। आज यहां इस्लाम दर्शन, अरबी उर्दू की शिक्षा के साथ साथ हिंदी अंग्रेजी, कंप्यूटर आदि के कोर्स भी कराए जाते हैं। यहां दर्जी, किताबों पर जिल्दबंदी, किताबत यानी हस्तलेखन की कला का भी ज्ञान दिया जाता है। इसके अलावा मौलवियत की अलग अलग डिग्रियां प्रदान की जाती हैं। जिनमें मौलाना, दारुल इफ्ता प्रमुख हैं।