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दरभंगा ब्लास्ट : पिता रिटायर्ड फौजी, बेटे लश्कर के आतंकी, मूसा खान ने एनआईए की कार्रवाई पर उठाए सवाल

Sat, 03 Jul 2021 09:02 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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शामली: रिटायर फौजी मूसा खान और उनके बेटे नासिर और इमरान। - फोटो : amar ujala
पिता ने लंबे समय तक सेना में रहकर देशसेवा की लेकिन उसके दोनों बेटे लश्कर के शागिर्द निकले। हैदराबाद से इमरान खान और नासिर खान को एनआईए की टीम ने गिरफ्तार किया, तो शामली तक खलबली मच गई। दरअसल, शामली निवासी भूतपूर्व सैनिक मूसा खान के दोनों बेटे इमरान और नासिर हैदराबाद में रेडीमेड कपड़ों का बिजनेस करते हैं। दोनों को दरभंगा ब्लास्ट मामले के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया है कि दोनों बेटों का पाकिस्तान आना-जाना था और वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थे। वहीं मूसा खान ने एनआईए की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बेटों को निर्दोष बताया है। यही नहीं उसका कहना है कि उसके  बेटे आईएसआई के लिए नहीं बल्कि भारत की खुफिया एजेंसी की एक महिला अधिकारी के लिए काम करते थे। आगे जानें आखिर इस मामले और क्या नई बातें सामने आई हैं -
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शामली में मूसा खान के घर पर लगा बोर्ड। - फोटो : amar ujala
बिहार के दरभंगा ब्लास्ट मामले में हैदराबाद से पकड़े गए नासिर और इमरान के पिता मूसा खान ने कहा कि यदि उसके बेटे देशद्रोही हैं तो उन्हें गोली मार दो और अगर निर्दोष है तो उन्हें छोड़ दिया जाए। मूसा ने देश की जांच एजेंसी की महिला अधिकारी पर अपने बेटों को फंसाने का आरोप भी लगाया है। 
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शामली में नासिर और इमरान का घर - फोटो : amar ujala
शामली में कैराना के मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी रिटायर्ड फौजी मूसा खान ने बताया कि उसने साढ़े 15 साल सेना में नौकरी की है। कई लड़ाइयों में हिस्सा लिया। 1971 के युद्ध में वह बांग्लादेश भी गया। वह देश भक्त हैं। उसके बेटे देशद्रोही हैं तो उन्हें गोली मार दो नहीं तो उन्हें रिहा किया जाए।

दरअसल, मूसा खान के तीनों बेटों को एनआईए ने उठाया था। एक बेटे फारूख को छोड़ दिया, जिसने उन्हें फोन पर गिरफ्तारी की सूचना दी। मूसा का कहना है कि उसका बेटा नासिर देश की एक बड़ी जांच एजेंसी की महिला अधिकारी के लिए काम करता था। दो बार वह पाकिस्तान भी गया था। मूसा खान ने महिला अधिकारी पर अपने बेटों को फंसाने का आरोप लगाया है।

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शामली: जांच करती एनआईए की टीम। - फोटो : amar ujala
नेटवर्क खंगालने फिर आ सकती हैं जांच एजेंसियां  
दरभंगा ब्लास्ट के बाद कैराना जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। 17 जून को हुए ब्लास्ट में पार्सल पर शामली का नंबर मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने यहां डेरा डाल लिया था। पूर्व में भी दो लोगों को उठाया गया था, लेकिन उनका क्या हुआ इस बारे में कोई खुलासा नहीं हुआ है।
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आरोपी सलीम - फोटो : amar ujala
कैराना निवासी सलीम उर्फ टुइया और कफील को कुछ दिन पहले उठाया गया था। सलीम को ट्रांजिट रिमांड पर टीम अपने साथ ले गई है। स्थानीय पुलिस  दोनों के संबंध में किसी तरह की जानकारी होने से इनकार कर रही है।

अब हैदराबाद से कैराना निवासी नासिर और उसके भाई इमरान के पकड़े जाने के बाद फिर से जांच एजेंसियों के जिले में आने की संभावना बन गई है। माना जा रहा है कि पकड़े गए लोगों का नेटवर्क खंगालने के लिए जांच एजेंसियां जिले में आ सकती हैं। 
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नासिर और इमरान का घर व इमरान का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
नासिर का भी बताया जा रहा पाकिस्तान कनेक्शन 
दरभंगा ब्लास्ट मामले में हैदराबाद से गिरफ्तार किए गए कैराना निवासी नासिर का पाकिस्तान से कनेक्शन बताया गया है। बताया जाता है कि नासिर ने पाकिस्तान में केमिकल आईईडी बनाने की ट्रेनिंग ली थी।

वह 2012 में पाकिस्तान गया था और वहां से ट्रेनिंग लेकर लौटा था। इससे पकड़े गए सलीम का भी पाकिस्तान से कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। जांच एजेंसियां इन सभी कड़ियों को जोड़कर जांच करने में जुटी हैं। 
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