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खुले राज : तो बर्निंग ट्रेन बन जाती दरभंगा एक्सप्रेस, ब्लास्ट के मास्टरमाइंड सलीम ने एनआईए की पूछताछ में किए कई बड़े खुलासे

Sat, 03 Jul 2021 07:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

कैराना के मोहल्ला आलखुर्द निवासी हाजी सलीम और कफील से एनआईए ने लंबी पूछताछ की है।
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आरोपी सलीम, उसका आलीशान मकान व सलीम के पिता - फोटो : amar ujala
सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस में पार्सल बुक कर उसमें ब्लास्ट कर उसे बर्निंग ट्रेन बनाने की तैयारी थी। यह सनसनीखेज खुलासा ब्लास्ट के आरोपी शामली निवासी सलीम ने एनआईए की पूछताछ में किया है। दरअसल, एक्सप्रेस को बर्निंग ट्रेन बनाने की साजिश पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट इकबाल काना ने रची थी।

इस ब्लास्ट की पूरी जिम्मेदारी सलीम को सौंपी गई और यह भी हिदायत दी गई थी कि हैदराबाद निवासी दो भाइयों को भी अपने साथ ले ले। आरोपी सलीम से एनआई ने लंबी पूछताछ के बाद ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है। वहीं जांचे एजेंसी एनआईए ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आगे पढ़ें आखिर पूछताछ में सलीम ने ब्लास्ट के मामले में क्या नए खुलासे किए हैं: -
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आरोपी सलीम - फोटो : amar ujala
सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को बर्निंग ट्रेन बनाने की साजिश रचने के बाद इसे अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलर इकबाल काना ने कैराना के हाजी सलीम उर्फ सलीम अहमद को टास्क की पूरी जिम्मेदारी सौंपी थी।

उसे हिदायत दी गई कि वह कफील, हैदराबाद में बैठे नासिर और इमरान खान को भी अपने साथ जोड़ ले। सभी ने पूरी प्लानिंग के साथ इस काम को अंजाम दिया लेकिन गनीमत रही कि चलती ट्रेन के बजाए पार्सल में उतारते समय विस्फोट हुआ और आरोपियों के दरभंगा एक्सप्रेस को बर्निंग ट्रेन बनाने के मंसूबे फेल हो गए। 
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दरभंगा विस्फोट मामला -आरोपी कफील के परिजन - फोटो : amar ujala
कैराना के मोहल्ला आलखुर्द निवासी हाजी सलीम और कफील से एनआईए ने लंबी पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि हाजी सलीम के संबंध पाकिस्तान में आईएसआई के लिए काम कर रहे इकबाल काना से थे।

उसके इशारे पर ही सलीम ने सिकंदराबाद से दरभंगा जाने वाली ट्रेन में पार्सल में विस्फोटक (लिक्विड आईईडी) रखने की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद सलीम ने कफील के साथ ही नासिर और इमरान खान को अपने साथ मिलाया।

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आरोपी सलीम का आलीशान मकान - फोटो : amar ujala
सूत्रों का कहना है कि नासिर ने लेडीज सूट के पार्सल में विस्फोटक की एक छोटी शीशी रखकर नासिर और इमरान की सहायता से इसे ट्रेन में रखवा दिया। बताया गया कि बम कम ताकत का था। उसे केवल पार्सल में आग लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था।

इससे पार्सल की बोगी में आग लग जाती और तेज रफ्तार से चल रही पूरी ट्रेन में फैल जाती। सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को बर्निंग ट्रेन बनाकर हजारों यात्रियों की जान लेने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी। लेकिन उनकी साजिशें तब फेल हो गई जबकि पार्सल में ब्लास्ट ट्रेन में न होकर उसे स्टेशन पर उतारते समय हुआ।  
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सलीम के पिता - फोटो : amar ujala
कौन है मास्टरमाइंड सलीम का गुरू इकबाल काना
कैराना के मूल निवासी इकबाल काना ने पाकिस्तान में अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया है। वह शुरुआत में सोने की तस्करी और बाद में नकली नोटों और असलहा का कारोबार करता था।

1995 में पुलिस का दबाव बढ़ने व इकबाल अपने परिवार के साथ पाकिस्तान भाग गया था। वह पाकिस्तान में अपनी रिश्तेदारी में जाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों से संपर्क करता रहा है और उन्हें राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त कराता है। सलीम भी इकबाल के संपर्क में था। 
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शामली में नासिर और इमरान का घर - फोटो : amar ujala
पार्सल पर लिखा गया था सलीम का नंबर 
दरभंगा एक्सप्रेस ट्रेन में रखे गए पार्सल पर सलीम का नंबर लिखा गया था। शामली जिले का नंबर मिलने के बाद जांच एजेंसियां जिले में सक्रिय हो गईं थीं। सूत्रों का कहना है कि सलीम और कफील को जांच एजेंसियों ने कई दिन पहले हिरासत में ले लिया था। 
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इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनआईए ने शामली पुलिस की मदद से कैराना निवासी दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एनआईए टीम दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई।  

एनआईए ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सहयोग मांगा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके एनआईए को सौंप दिया है। अब आगे की कार्रवाई एनआईए के द्वारा की जा रही है। - सुकीर्ति माधव, एसपी, शामली  
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