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मासूम बेटे ने शहीद पिता को दी मुखाग्नि, तो छलके हर किसी के आंसू, पत्नी बोली- शहादत का बदला लेने का मौका दे CRPF

Wed, 16 Dec 2020 12:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

लाड़ले का पार्थिव शरीर देख बिलखती मां को आरएएफ महिला विंग ने संभाला
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शहीद के अंतिम संस्कार में उमड़ा शहर - फोटो : अमर उजाला
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शहीद हुए गांव पचेंडा निवासी सीआरपीएफ कोबरा विंग के डिप्टी कमांडेंट विकास सिंघल को अंतिम विदाई देने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। वहलना चौक से पचेंडा तक शहीद के काफिले पर पुष्पवर्षा की गई।

पचेंडा के जनता इंटर कॉलेज में शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद पार्थिव शरीर उनके घर ले जाया गया। घर पर मंगलवार को विकास का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजन फूट फूट कर रो पड़े। गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके दो वर्षीय बेटे केशव ने मुखाग्नि दी।
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शहीद जवान को सैल्यूट करते जवान - फोटो : अमर उजाला
पार्थिव शरीर के साथ आईजी सीआरपीएफ सुभाषचंद्र व कोबरा विंग आईजी केके शर्मा के साथ ही कोबरा विंग के कमांडेंट सुधीर कुमार, 108 आरएएफ मेरठ से कमांडेंट राजेंद्र प्रसाद, आरएएफ महिला विंग से कमांडेंट मनोरमा, सहायक कमांडेंट धर्मेंद्र सिंह व नीरज और उप कमांडेंट अभिषेक कुमार समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। शहीद का पार्थिव शरीर पचेंडा पहुंचने पर जनता इंटर कॉलेज में रखा गया, जहां पूरे परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

 
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
आईजी कोबरा विंग केके शर्मा ने शहीद की पत्नी पारुल सिंघल को राष्ट्रीय ध्वज प्रदान किया। शहीद की पत्नी पारुल ने दो साल के मासूम बेटे केशव के साथ पति को श्रद्धांजलि दी तो सभी की आंखें छलक उठीं। वहीं, शहीद बेटे का पार्थिव शरीर देख मां मधु सिंघल बेहाल हो गईं, जिन्हें आरएएफ महिला विंग की कमांडेंट मनोरमा व अन्य महिला अफसरों ने संभाला।

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शहीद जवान की पत्नी पारुल - फोटो : अमर उजाला
मौका मिला तो भर्ती होकर देश की सेवा करूंगी: पारुल
सीआरपीएफ कोबरा विंग के डिप्टी कमांडेंट विकास सिंघल की पत्नी पारुल ने पति की मौत के लिए उनके उपचार में हुई देरी को जिम्मेदार बताया है। पारुल का कहना है कि करीब 10.30 बजे विकास सिंघल घायल हुए थे, जिनकी नस कट जाने से खून बहना नहीं रुक रहा था। इसके बावजूद उन्हें रायपुर हॉस्पिटल ले जाने के लिए बुलाया गया।
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शहीद का अंतिम संस्कार करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
चॉपर करीब दो घंटे बाद पहुंचा, तब तक विकास का काफी खून बह चुका था। इसके चलते जब वे रायपुर हॉस्पिटल पहुंचे, तब उनका हीमोग्लोबिन मात्र तीन ग्राम रह गया था। यदि अफसर उन्हें अस्पताल ले जाने में तेजी करते तो विकास को बचाया जा सकता था। इस संबंध में उन्होंने सीआरपीएफ के आईजी व डीआईजी के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई है।
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शहीद की पत्नी को तिरंगा सौंपते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
शहीद की पत्नी पारुल ने कहा कि विकास के चले जाने के बाद अब उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए जीना पड़ेगा। दोनों बच्चों के लिए जो सपने विकास ने देखे थे, उन्हें अब वह खुद पूरा करेंगी। कहा कि नौकरी का सम्मानजनक प्रस्ताव मिलने पर ही नौकरी करूंगी। यदि मौका मिला तो पति की तरह सीआरपीएफ में शामिल होकर देश की सेवा करूंगी। सीआरपीएफ उन्हें पति की शहादत का बदला लेने का मौका दे।
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भारी संख्या में एकत्र हुए लोग - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम समाज के लोगों ने दी श्रद्धांजलि
छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुए सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विकास सिंघल को मीनाक्षी चौक पर एकत्र मुस्लिम समाज के लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद के काफिले में बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। मीनाक्षी चौक पर श्रद्धांजलि देने वालों में जियाउर्रहमान, हाजी शाहनवाज, माशाल्ला एडवोकेट, हाजी नौशाद, दिलशाद पहलवान, सरफराज, हाजी इस्लाम, शाहीद कुरैशी, इकराम, शहजाद, भोला आदि मौजूद रहे।
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