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कुख्यात रोहित सांडू ने जेल में जोड़ लिए थे इन तीन राज्यों के बदमाश, बाफर की साजिश का बना मोहरा

Wed, 17 Jul 2019 05:48 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया रोहित उर्फ सांडू शातिर अपराधी था। रंगदारी न देने या फिर पैसे के लिए हत्या करना उसका पेशा बन गया था। सांडू ने जेल में रहकर तीन राज्यों के बदमाशों को अपने गैंग में शामिल कर लिया था।

उसने गुर्गों के जरिये मेरठ और मुजफ्फरनगर में आतंक फैला रखा था। वहीं सांडू के जरिये अपने दुश्मनों की हत्या कराकर एक लाख का इनामी रह चुका भूपेंद्र बाफर वेस्ट यूपी में अपनी बादशाहत कायम करने की फिराक में था।
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कुख्यात रोहित को संरक्षण देने वाला भूपेंद्र बाफर - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में भगत जी स्वीट्स और डिस्टलरी के ठेकों पर कब्जा करने के लिए सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर में तनातनी थी। पुलिस के मुताबिक, मूंछ का करीबी यशपाल राठी और बाफर का करीबी विक्की राठी था। यशपाल की हत्या कराने के लिए विक्की ने रोहित सांडू से मुलाकात की। 

 
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वारदात - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी मुजफ्फरनगर सतपाल अंतिल ने बताया कि दिसंबर 2016 में रोहित फैजाबाद जेल में बंद था। उस दौरान भूपेंद्र बाफर और विक्की राठी उससे मुलाकात करने गए थे। उन्होंने शर्त रखी कि यशपाल की हत्या के बदले में उसकी जमानत करा देंगे। सांडू की जमानत हुई तो उसने जनवरी 2017 में यशपाल राठी की हत्या कर दी। मामले में सांडू, विक्की समेत कई लोग जेल गए। 

 

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मिर्ची पाउडर - फोटो : अमर उजाला
यशपाल राठी की हत्या के बाद सांडू मिर्जापुर जेल में गया। पुलिस के मुताबिक, फैजाबाद व मिर्जापुर जेल में सांडू की दोस्ती हरियाणा के रविंद्र उर्फ कालिया और अयोध्या के राकेश यादव से हुई थी।

इनके साथ मिलकर उसने गिरोह बना लिया था। लेकिन जेल से छूटने का रास्ता नहीं नजर आ रहा था। यशपाल की हत्या के बाद बाफर को आशंका थी कि मूंछ उसे और नुकसान पहुंचा सकता है। बाफर ने मूंछ की हत्या कराने के लिए सांडू को कस्टडी से छुड़वाया।
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मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अपराध कराने के लिए सांडू को बनाया मोहरा 
वारदात कराने के लिए भूपेंद्र बाफर ने सांडू को मोहरा बना रखा था। सांडू का ज्यादा समय जेल में ही कटता था। बाफर या विक्की समेत कई लोग उसे जेल से छुड़वाते और वारदात कराकर फिर पुलिस से पकड़वा देते थे।

तीन साल से ये खेल चल रहा था। यशपाल की हत्या में सांडू जेल में बंद था। कई प्रयास के बाद भी जब सांडू की जमानत नहीं हो पाई तो बाफर ने उसे पुलिस कस्टडी से छुड़वाने की प्लानिंग बनाई।
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कुख्यात सांडू - फोटो : अमर उजाला
जेल में बदमाशों को जोड़ता रहा सांडू 
पुलिस ने बताया कि बाफर व विक्की राठी समेत कई बदमाश जेल में बंद सांडू को सुविधाएं मुहैया कराते थे। उसने जेल में ही कई बदमाशों को अपने साथ जोड़ लिया था। जब ये बदमाश जेल से छूट जाते तो सांडू के लिए काम करते थे।

कई बदमाश सांडू के कहने पर मुजफ्फरनगर में कई लोगों से रंगदारी वसूल चुके थे। सांडू उनको सुरक्षित स्थान भी मुहैया कराता था। पुलिस को सांडू के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिलता था, ज्यादातर खेल वह जेल से करता था। उसके गुर्गे घटना करने के बाद यूपी छोड़ देते थे।
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एनकाउंटर स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ की गूंज लखनऊ पहुंची, रिपोर्ट भेजी  
मुठभेड़ में चार बदमाशों को ढेर होने की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। डीजीपी ने मुठभेड़ की जानकारी ली। देर रात मेरठ और मुजफ्फरनगर एसएसपी ने मुठभेड़ की रिपोर्ट शासन को भेज दी।

पुलिस का कहना है कि चारों शातिर अपराधी थे। इन अपराधियों के जरिये भूपेंद्र बाफर फिर से वेस्ट यूपी में अपनी धौंस जमाने लगा था।
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मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
एके-47 से चलाईं गोलियां 
दोनों जगहों पर पुलिस ने बदमाशों पर एके-47 और पिस्टल से गोली चलाई। बदमाश पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चला रहे थे। पुलिस ने बदमाशों से चार पिस्टल व भारी मात्रा में कारतूस के अलावा बाइक व स्कार्पियो बरामद की। 
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