फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या है कुख्यात बदन सिंह बद्दो की क्राइम हिस्ट्री ? 21 साल बाद मिली थी उम्रकैद की सजा

Fri, 29 Mar 2019 04:33 PM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 9
कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media
पश्चिमी यूपी के कुख्यात बदमाश बदन सिंह बद्दो ने कई राज्यों की पुलिस को चुनौती दे दी है। उसकी गिरफ्तारी एसटीएफ के लिए आसान नहीं है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2010 में कालकाजी दिल्ली में चर्चित अनूप जुनेजा शूटआउट केस में बदन सिंह बद्दो का नाम सामने आया था, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
विज्ञापन

2 of 9
कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी बदन सिंह का काम विवादास्पद प्रॉपर्टी पर कब्जा करना था। इसके लिए उसने अनूप जुनेजा आदि के साथ गिरोह बना रखा था। ये विवादास्पद प्रॉपर्टी को एक पक्ष से सस्ते में खरीद लेता था, जबकि दूसरी पार्टी के खिलाफ यूपी व पंजाब में वहां के कुछ पुलिसकर्मियों संग मिलकर एफआईआर दर्ज करा देता था।
विज्ञापन

3 of 9
कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media
उसने साउथ दिल्ली में धमकी देकर कई विवादित कोठियां खाली कराईं, जिसके बाद स्पेशल सेल और यूपी एसटीएफ ने मिलकर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 2012 में एसटीएफ मेरठ के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव ने उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद जब बद्दो को लालकुर्ती थाने में लाया गया तो शहर के कई बड़े कारोबारी और सफेदपोशों का थाने में जमावड़ा लग गया था।

4 of 9
कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media
उस समय उस पर डेढ़ लाख रुपए का इनाम था। एक लाख रुपए यूपी पुलिस और 50 हजार रुपए का इनाम दिल्ली पुलिस की तरफ से घोषित था। नोएडा के कई बड़े कारोबारियों ने भी दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों से उस समय शिकायत की थी कि बद्दो ने लगातार अवैध तरीके से संपत्ति पर कब्जा कर लिया। बद्दो जेल गया तो उस पर फिर से साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगा।
विज्ञापन

5 of 9
बदन सिंह बद्दो - फोटो : social media
इससे पहले मेरठ में वकील हत्याकांड का आरोप भी उस पर था। इस हत्या के बाद मेरठ के वकीलों ने भारी विरोध प्रदर्शन किए थे। पुलिस का कहना है कि लालकुर्ती क्षेत्र में केबिल कारोबारी पवित्र मैत्रेय की हत्या कराने का आरोप भी बद्दो पर लगा था। दिल्ली पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि आरोपी नेपाल फरार हो सकता है।
विज्ञापन

6 of 9
बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला
21 साल बाद हुई थी बद्दो को सजा 
मेरठ के अधिवक्ता रविंद्र गुर्जर की साल 1996 में हुई हत्या के मामले में गौतमबुद्धनगर अदालत ने बदन सिंह बद्दो को 21 साल बाद 26 अक्तूबर 2017 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बदन सिंह व उसके भाई किशन सिंह के खिलाफ रविंद्र के भाई देवेंद्र सिंह ने केस दर्ज कराया था। वारदात के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों को जमानत मिल गई थी। केस के विचारण के दौरान किशन की मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की याचिका पर हाईकोर्ट ने 2015 में केस मेरठ से गौतमबुद्ध नगर अदालत ट्रांसफर करने का आदेश दिया था। इसके बाद बद्दो को सजा सुनाई गई। कुछ माह बद्दो को नोएडा से फर्रुखाबाद जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
विज्ञापन

7 of 9
बदन सिंह बद्दो - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी का बड़ा माफिया बद्दो, रसूखदारों से संबंध
पुलिस के अनुसार बदन सिंह बद्दो पश्चिमी यूपी का बड़ा माफिया है। मेरठ, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में उसकी करोड़ों की संपत्ति बताई जा रही है। बद्दो के कई रसूखदारों से संबंध बताए जाते हैं, जोकि अक्सर जेल में उससे मुलाकात करने जाते थे। पुलिस ने उसका रिकॉर्ड खंगाला है। पुलिस का कहना है कि बद्दो के मददगारों का पता लगाया जा रहा है।

8 of 9
कुख्यात बदन सिंह बद्दो - फोटो : फाइल
पपीत और लल्लू मक्कड़ थे साथ 
पुलिस के मुताबिक आरोपी पपीत निवासी बढ़ला परीक्षितगढ़ व लल्लू मक्कड़ निवासी पंजाबी पुरा टीपीनगर बद्दो के साथ बताए गए हैं। उनके साथ एक ट्रांसपोर्टर भी था। हालांकि अभी तक दोनों लोगों के होटल में मौजूद होने का प्रमाण पुलिस को नहीं मिला है।
विज्ञापन

9 of 9
बदन सिंह ‘बद्दो’ का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सीएम भाषण दे रहे थे, बद्दो फरार हो गया
पुलिस के अनुसार बद्दो गुरुवार पूर्वाह्न 11:45 बजे फरार हुआ। उस समय मुख्यमंत्री रैली में कानून व्यवस्था पर भाषण दे रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। अपराधी या तो जेल में हैं या फिर राम नाम सत्य है की यात्रा पर निकल गए। बद्दो को फरार होने में रैली का भी फायदा मिला। पूरे जोन की फोर्स मोदी की जनसभा में लगी थी। ऐसे में शहर में चेकिंग भी नहीं थी।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें