फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वर्दी वाले के बड़े कारनामे: जल्द होगी इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी, वापस लिया जाएगा वीरता पदक, जांच में खुलेंगे गहरे राज

Fri, 03 Sep 2021 03:37 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
विज्ञापन
1 of 7
इंस्पेक्टर सदर बाजार बिजेंद्र सिंह राणा - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में भ्रष्टाचार में फंसे इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा की घेराबंदी के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी। विवेचक सीओ क्राइम और उनकी टीम इंस्पेक्टर के खिलाफ सबूत जुटाने में लगी है। गोपनीय तरीके से उसकी संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर को 15 अगस्त को मिला गैलेंट्री अवार्ड भी वापस हो सकता है। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट डीजीपी और शासन को भेजी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल पर बर्खास्तगी की भी कार्रवाई हो सकती है। 

30 हजार की रिश्वत लेते हुए सदर थाने के हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह को एसपी सिटी व उनकी टीम ने मंगलवार शाम रंगेहाथ दबोचा था। पूछताछ में कांस्टेबल ने बताया है कि इंस्पेक्टर सदर बिजेंद्र सिंह राणा के कहने पर उसने वकार निवासी खतौली मुजफ्फरनगर से रुपये लिए है। वकार से 50 हजार की रकम इंस्पेक्टर पहले ही ले चुके हैं। गुरुवार को विवेचक सीओ क्राइम संजीव दीक्षित ने इंस्पेक्टर के खिलाफ कई जगह से सबूत तलाशे। पुलिस का दावा है कि चोरी का ट्रक बताकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले इमरान व अब्दुल सलाम से भी इंस्पेक्टर ने मोटी रकम ली है। ट्रक मालिक और ड्राइवर को सामने लाने के लिए भी पुलिस टीम लगी है। हालांकि पुलिस अभी ट्रक मालिक का पता नहीं लगा सकी। पुलिस का दावा है कि सबूतों के आधार पर ही इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया जा सकता है। इंस्पेक्टर भी खुद को बचाने के लिए कानूनी दांवपेच में जुट गए हैं।
विज्ञापन

2 of 7
आरोपी सिपाही। - फोटो : amar ujala
मेरठ पुलिस ने मुकदमा और कार्रवाई के बारे में डीजीपी को अवगत करा दिया है। जिसके बाद इंस्पेक्टर सदर बाजार की पोस्टिंग कहां-कहां पर हुई, इसकी भी पड़ताल शुरू हो गई। इंस्पेक्टर के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में पहले कोई शिकायत है या नहीं, इसके बारे में बिजनौर, मुरादाबाद समेत कई जनपदों से जानकारी ली जा रही है। दिल्ली के शातिर अपराधी शिवशक्ति नायडू के एनकाउंटर में इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा को 15 अगस्त पर गैलेंट्री अवार्ड मिला था। रिश्वतखोरी के मामले में फंसने के बाद यह वीरता पुरस्कार वापस हो सकता है। भ्रष्टाचार के मुकदमे की रिपोर्ट शासन को मेरठ पुलिस ने भेज दी है, उसी आधार पर गैलेंट्री अवार्ड वापस कराने की बात चल रही है।
विज्ञापन

3 of 7
मेरठ: एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
संपत्ति की भी जांच पड़ताल शुरू 
इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा और हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह की संपति की भी जांच शुरू हो गई है। बताया गया कि मनमोहन सिंह की पोस्टिंग लालकुर्ती थाने में थी, बिजेंद्र सिंह राणा ने ही सदर बाजार थाने में उसकी पोस्टिंग कराई थी। दोनों बेहद करीबी थे। दोनों की बिजनौर जिले में भी एक साथ पोस्टिंग थी। चर्चा है कि सोतीगंज में कबाड़ियों पर कार्रवाई के दौरान भी सदर पुलिस ने मोटी रकम वसूली है।

सदर के साथ दूसरे थाने भी निशाने पर 
सदर थाने के बाद अब दूसरे थाने भी एसएसपी के निशाने पर हैं। एसएसपी ने साफ कहा कि अगर किसी भी थाने में भ्रष्टाचार की शिकायत आई तो कार्रवाई करूंगा। इसको लेकर पुराने मुकदमे की निगरानी सर्किल के सीओ करेंगे। कई मामले में दरोगाओं ने रुपये लेकर मुकदमे में धाराओं में बड़ा खेल किया है। जिसकी शिकायत एसएसपी के पास पहुंची है। 

4 of 7
आरोपी सिपाही। - फोटो : amar ujala
वाहन चोरी के मुकदमे में खेल 
ट्रक और अन्य वाहनों की चोरी के फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर बीमा क्लेम लेने के मामले में पुलिस की भूमिका सामने आई। अब बिना सीओ की जानकारी में डाले वाहन चोरी के मुकदमे नहीं किए जा सकेंगे और न ही एफआर लगाई जा सकेगी।

दिनभर सन्नाटा, दहशत में पुलिस वाले
सदर बाजार थाने का प्रभारी अभी नियुक्त नहीं हुआ है। गुरुवार को भी सदर थाने में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और पुलिस वाले दहशत में दिखाई दिए। इस भ्रष्टाचार के मामले में न जाने किस किस पर गाज गिरेगी, इसको लेकर थाने में अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं। वहां पर पुलिस काम करने को भी तैयार नहीं है।
विज्ञापन

5 of 7
एसएसपी प्रभाकर चौधरी। - फोटो : amar ujala
एसएसपी बोले, इंस्पेक्टर को गिरफ्तार करेंगे
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा को गिरफ्तार करेंगे। विवेचक के पास उसके खिलाफ गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। इस संबंध में विवेचक इंस्पेक्टर से पहले पूछताछ भी कर सकते हैं। ट्रक मालिक इमरान के भी बयान लिए जाएंगे।
विज्ञापन

6 of 7
आरोपी को ले जाती पुलिस। - फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर के क्वार्टर में मिला ताला
इंस्पेक्टर की तलाश के लिए पुलिस उनके कंकरखेड़ा वाले सरकारी क्वार्टर में पहुंची थी। यहां उनका परिवार रहता था। भ्रष्टाचार का मुकदमा होने के बाद इंस्पेक्टर लापता हो गए और परिवार क्वार्टर में ताला लगाकर चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मेरठ पुलिस। - फोटो : amar ujala
तीनों पुलिस वालों से होगी पूछताछ 
भ्रष्टाचार के इस मुकदमे में तीन अज्ञात पुलिस वाले बताए हैं। जिनके नाम विवेचक ने पता लगा लिए हैं। तीनों से पूछताछ होगी। प्राथमिक जांच में इन पर वकार को थाने में हवालात में अवैध रूप से रखने और मारपीट करने का आरोप है। इन तीनों सिपाहियों के अभी तक रिश्वत लेने की बात सामने नहीं आई। सिपाहियों से विवेचना से संबंधित काफी जानकारी ली जा सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें