इस्लामिक विद्वान मौलाना कलीम सिद्दीकी के मंसूबों की जांच के लिए एटीएस और एनआईए ने पश्चिमी यूपी में डेरा डाल लिया है। मौलाना का पश्चिम के जिलों में बड़ा नेटवर्क फैला है। सुरक्षा एजेंसियां उनके साथ मिलकर काम करने वाले लोगों की कुंडलियां खंगाल रही है। स्थानीय पुलिस से भी मदद मांगी गई है।
एटीएस यूपी ने लखनऊ में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी दिखाई है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि मौलाना कलीम का पश्चिमी यूपी में बड़ा नेटवर्क है। यही नहीं धर्मांतरण कराने के लिए विदेश तक मौलाना के कनेक्शन थे। विदेश से धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के लिए करोड़ों रुपये की फंडिग होती थी। मौलाना के ट्रस्ट में 1.50 करोड़ की रकम एकमुश्त आई है। मौलाना का मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर और बिजनौर समेत कई जिलों में नेटवर्क फैला है, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने पश्चिमी यूपी में डेरा डाल लिया है। एजेंसियां पता लगाने में लगी है कि मौलाना के गिरोह में कौन-कौन शामिल हैं। धर्मांतरण व विदेश से होने वाली फंडिंग का पैसा किस-किसके पास गया है, इसकी छानबीन की जा रही है।