कोरोना के कहर से कई परिवार उजड़ गए हैं। बच्चे अनाथ हो गए हैं और बूढ़े मां-बाप अपने जवान बेटों की याद में तिल-तिल मर रहे हैं। ऐसा ही मामला मेरठ के शास्त्री नगर से सामने आया है। यहां सेक्टर-10 निवासी दो इंजीनियर भाई पांच दिन के अंतराल पर दुनिया छोड़कर चले गए। एक भाई की तो चार माह की बेटी है। परिवार जवान बेटों की मौत से पूरी तरह टूट चुका है।
वकार हुसैन जैदी नगर निगम से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने अपने तीनों बेटे रजा हुसैन जैदी, शुजा हुसैन जैदी व मुर्तजा हुसैन जैदी को मेहनत और लगन से पढ़ाया। दोनों बड़े बेटे रजा व शुजा को इंजीनियर बनाया। इनकी पढ़ाई के लिए पिता वकार ने गांव की जमीन तक बेच दी थी। रजा ने कंप्यूटर साइंस व शुजा ने केमिकल से इंजीनियरिंग कर नौकरी शुरू की। छोटा बेटा एक निजी बैंक में नौकरी कर रहा है। सबकुछ ठीक चल रहा था। लेकिन अचानक महामारी ने परिवार को चपेट में ले लिया। 22 मई को बड़े बेटे रजा हुसैन जैदी (28 वर्ष) की तबीयत खराब हो गई। उसे आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दो घंटे बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।