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इशारे पर हुआ उपद्रव, रिमोट था शहर के बाहर, जुमे की नमाज पर फिर करना चाहते थे हिंसा

Sat, 28 Dec 2019 05:15 PM IST
कपिल kapil अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ उपद्रव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम वर्ग के जनप्रतिनिधि और उलेमाओं का नियंत्रण अब युवाओं के ऊपर से हटता नजर आ रहा है। 20 दिसंबर को हुए उपद्रव के बाद यह बात स्पष्ट हो गई कि उन्मादी भीड़ का रिमोट पूरी तरह शहर के बाहर था। एक प्रशिक्षित टीम भीड़ की अगुवाई में थी। जिसके इशारे पर उपद्रव कराया गया। 27 दिसंबर को भी इन लोगों का प्रयास मेरठ शहर में उपद्रव कराने का था, लेकिन सतर्क प्रशासन ने सूझबूझ से इस पर नियंत्रण पा लिया।
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मेरठ उपद्रव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बीते तीन चार दशकों में मेरठ शहर में कई बार सांप्रदायिक तनाव और दंगा हुआ। इन सबके बीच जब भी स्थानीय वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं ने अपने वर्ग के लोगों को समझाया तो उन्मादी भीड़ के कदम रुक गए। लेकिन अब शहर का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। 30 जून को मॉब लिंचिंग के विरोध में फैज-ए-आम इंटर कॉलेज में भीड़ एकत्र हुई। यहां से जुलूस निकालने का कार्यक्रम था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। शहरकाजी जैनुस साजिद्दीन ने भीड़ से आह्वान किया कि प्रशासन ज्ञापन ले चुका है, अब घर चले जाएं। लेकिन भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने युवाओं को अपने पक्ष में लेकर न केवल जुलूस निकाला, बल्कि तोड़फोड़ भी की।
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
वहीं 20 दिसंबर को भी शहर के जनप्रतिनिधियों, शहरकाजी और उलेमाओं से पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन न करने और भीड़ एकत्र न होने देने का अनुरोध किया था। इसके लिए सभी ने प्रयास भी किए, लेकिन नमाज के बाद उन्मादी भीड़ ने उपद्रव किया।

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उपद्रवियों ने पुलिस चौकी में लगा दी थी आग - फोटो : अमर उजाला
बाहर से संचालन
उपद्रव के बाद मिले इनपुट से साफ है कि धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए एक संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसके नुमाइंदे जिस क्षेत्र में उपद्रव करना होता है, वहां पर कुछ दिन पहले डेरा डाल देते हैं। युवाओं को हिंसक आंदोलन के लिए तैयार करते हैं। यह लोग उपद्रव से पहले भीड़ की अगुवाई करते हैं, उसके बाद गायब हो जाते हैं।
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मेरठ उपद्रव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आज फिर नजर आए ऐसे युवक
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भले ही सब कुछ शांतिपूर्वक निपट गया हो, लेकिन इनपुट था कि शहर को एक बार फिर से हिंसा की आग में झोंका जा सकता है। इस बार स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने आगे आकर पुलिस प्रशासन का सहयोग किया। हालांकि हापुड़ अड्डा क्षेत्र के पास कई संदिग्ध युवा नजर आए। जो पुलिस प्रशासन के हर मूवमेंट को भांप रहे थे।
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
बाहरी नेटवर्क तोड़ने की कवायद शुरू 
पुलिस प्रशासन तमाम इनपुट मिलने के बाद इस बाहरी नेटवर्क को खंगालने में जुटा है। शहर में तमाम ऐसे लोग चिह्नित किए जा रहे हैं, जो इस उपद्रव के दौरान संदिग्ध नजर आए और फिर गायब हो गए।

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