फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बॉयलर हादसा: मजदूरों के शवों का गांव में हुआ अंतिम संस्कार, मालिकों पर नहीं कोई मुकदमा

Wed, 28 Feb 2024 02:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
1 of 8
फैक्टरी में हादसा - फोटो : Amar Ujala
मेरठ के गंगानगर में फिटकरी गांव में टायर गलाने की फैक्टरी में मंगलवार सुबह बॉयलर में इतना जोरदार धमाका हुआ कि बॉयलर के पास काम कर रहे लोग बेहोश हो गए और कुछ दूरी पर काम कर रहे लोगों को कान कुछ देर के लिए सुन्न पड़ गए। चारों ओर राख का अंधेरा छा गया। आसपास से लोग पहुंचे तो घुंए में लोगों को कुछ समझ में नहीं आया। आधे घंटे बाद जब धुआं छटा तो दो लोगों को क्षत-विक्षत शव पड़े थे। बाकी घायल बेहोश पड़े थे। 

 
विज्ञापन

2 of 8
मेरठ में हादसा - फोटो : Amar Ujala
फैक्टरी में मौजूद मोनू के मुताबिक तेज आवाज से आसपास की फैक्टरियों में काम करने वाले लोग वहां पहुंच गए। आधे घंटे बाद जब राख  बैठी तो कुछ दिखना शुरू हुआ। बॉयलर का करीब 200 क्विंटल का ढक्कन अलग पड़ा था। ढक्कन से जुड़ी मशीन करीब 100 फीट की दूरी पर पड़ी थी। बॉयलर के पास राख में लिपटा शंकरलाल व प्रवीण पड़े थे। शंकरलाल के सिर का कुछ हिस्सा गायब था और उसकी मौत हो चुकी थी। 

 
विज्ञापन

3 of 8
फैक्टरी में हादसा - फोटो : Amar Ujala
यहीं, हाल प्रवीण के शव का था। कुछ कदम दूर दिनेश, शैंकी और उसके पिता सोहनपाल घायल पड़े थे। मजदूरों ने फैक्टरी मालिक को सूचना दी। उसके बाद जब घटना बताने के लिए अन्य कर्मचारियों ने फोन करने शुरू किए तो दोनों मालिकों ने मोबाइल बंद कर लिए।

कर्मचारियों ने पुलिस व एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किए। करीब एक घंटे बाद साढ़े छह बजे एंबुलेंस पहुंच सकी। घायलों को गंगानगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथी कर्मचारियों के मुताबिक करीब साढ़े सात बजे इंचौली पुलिस फैक्टरी पहुंची। तब तक परिजन प्रवीण के शव को गेट के पास तक ले आए।

4 of 8
फैक्टरी में हादसे के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : Amar Ujala
अधिकारी ध्यान देते तो नहीं जाती मजदूरों की जान 
फिटकरी गांव में टायर फैक्टरी में बॉयलर फटने से हुए हादसे के लिए अधिकारी भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। छह साल पहले फैक्टरी से क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण को लेकर फैक्टरी को बंद किए जाने की मांग पर जांच के बाद फैक्टरी को बंद कराया गया था, लेकिन नौ माह बाद फैक्टरी का दोबारा संचालन शुरू हो गया। और पांच साल से फैक्टरी चलती रही और अधिकारी मुंह फेरे रहे। और मंगलवार को हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई।  
विज्ञापन

5 of 8
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी - फोटो : Amar Ujala
फिटकरी गांव के रास्ते पर दुर्गा एंटरप्राइजेज के नाम से फैक्टरी है। यहां टायर गलाने के दौरान निकलने वाले जहरीले धुएं व गैस सहित राख से आसपास के ग्रामीणों का बुरा हाल है। कई बार फैक्टरी बंद कराने की मांग की गई। अधिकारियों को अर्जी दी गई। जांच के बाद बंद भी हुई। परंतु सत्तापक्ष के प्रभाव से कुछ माह बाद ही फिर शुरू हो गई।

आसपास के ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने फैक्टरी शुरू करने का विरोध किया तो उनके खिलाफ फैक्टरी मालिक ने इंचौली थाने में मुकदमे दर्ज करा दिए। जिसका केस वह अभी तक लड़ रहे हैं। दौराला निवासी भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत ने बताया कि 11 मई 2018 को फैक्टरी से फैल रहे प्रदूषण को लेकर प्रदूषण कार्यालय पर धरना दिया गया था। 
विज्ञापन

6 of 8
फैक्टरी में हादसा - फोटो : Amar Ujala
तत्कालीन जिलाधिकारी अनिल ढींगरा को ज्ञापन सौंपा गया था। उनके निर्देश पर मामले की जांच कराई गई तो मानक पूरे नहीं मिलने पर 12 मई 2018 को फैक्टरी का संचालन बंद करा दिया गया। लगभग नौ माह फैक्टरी बंद रही।

बाद में फिर से संचालन शुरू हो गया और पांच साल से फैक्टरी चल रही है, लेकिन अधिकारियों ने मौके पर आकर जांच करना तक उचित नहीं समझा। जिस फैक्टरी में हादसा हुआ वह दुर्गा एंटरप्राइजेज के नाम से है, लेकिन फैक्टरी के अंदर एक कमरे पर आदिनाथ ट्रेडर्स का भी बैनर लगा है। हालांकि मोदीपुरम स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भुवन प्रकाश यादव ने बताया कि फैक्टरी के मानक पूरे थे। अधिकारियों की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई है।
विज्ञापन

7 of 8
फैक्टरी में हादसा - फोटो : Amar Ujala
एडीएम प्रशासन करेंगे जांच
जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने फिटकरी में पहुंचकर फैक्टरी हादसे की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह से जांच करने की बात कही। तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है। 
विज्ञापन

8 of 8
फैक्टरी में हादसा - फोटो : Amar Ujala
नहीं हुआ मुकदमा, गांव में अंतिम संस्कार
फिटकरी गांव में टायर फैक्टरी में बॉयलर फटने से हुई दो लोगों के मामले में इंचौली थाने में किसी प्रकार की शिकायत नहीं की गई है। इंचौली थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार के मुताबिक फैक्टरी मालिक और परिजनों के बीच चली वार्ता में समझौता हो गया। परिजनों की ओर से कोई शिकायत पत्र नहीं आया है। जिसके चलते इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। 

पुलिस ने करीब साढ़े तीन बजे दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम तक चले पोस्टमार्टम के बाद शंकरलाल व प्रवीण के शवों को गांव ले जाया गया। रात को किशोरीपुरा स्थित श्मशान घाट में दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें