फैक्टरी में हादसा
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यहीं, हाल प्रवीण के शव का था। कुछ कदम दूर दिनेश, शैंकी और उसके पिता सोहनपाल घायल पड़े थे। मजदूरों ने फैक्टरी मालिक को सूचना दी। उसके बाद जब घटना बताने के लिए अन्य कर्मचारियों ने फोन करने शुरू किए तो दोनों मालिकों ने मोबाइल बंद कर लिए।
कर्मचारियों ने पुलिस व एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किए। करीब एक घंटे बाद साढ़े छह बजे एंबुलेंस पहुंच सकी। घायलों को गंगानगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथी कर्मचारियों के मुताबिक करीब साढ़े सात बजे इंचौली पुलिस फैक्टरी पहुंची। तब तक परिजन प्रवीण के शव को गेट के पास तक ले आए।