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आशीष हत्याकांड का तीसरा आरोपी गिरफ्तार, गांव में खूनी रंजिश को लेकर दहशत बरकरार

Wed, 19 Dec 2018 12:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ से सटे शोभापुर गांव के लोगों में दो अप्रैल की हिंसा के बाद से दहशत बरकरार है। दोनों पक्षों के लोगों को दिलों में इस खूनखराबे को लेकर एकतरफ जुनून है तो दूसरी ओर इसका मलाल भी है। जिन दो परिवार में रंजिश बनी है, वहीं कभी एक-दूसरे के हमदर्द हुआ करते थे। दोनों परिवार के बीच बड़ा ही भाईचारा था। दिलों में दूरियां पैदा हुई तो दोनों परिवारों के लोगों के घर भी दूर-दूर हो गए। और ये दूरी खूनी रंजिश में बदल गई। 
15 दिसंबर को आशीष गुर्जर की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद गांव में माहौल तनावपूर्ण। वहीं पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है :-
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मुख्य आरोपी प्रशांत पारिया व दूसरा आरोपी रोहित
इस खूनी रंजिश व गांव के बिगड़े माहौल को लेकर ग्रामीण चिंतित है। ग्रामीणों ने बताया कि आशीष व गोपी पारिया के मकान गांव में अंदर थे। दोनों के घरों की दीवारें आपस में मिली हुईं थीं। दोनों परिवारों के बीच दिलों में दूरियां बनीं तो दोनों अपने-अपने गांव के अंदर मकानों को छोड़कर अलग- अलग जाकर रहने लगे। महिलाएं बताती हैं कि गोपी, मनोज गुर्जर व आशीष को एक साथ बड़े होते देखा है। कभी दोनों परिवारों के बीच बहुत मेलजोल था। 
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गोपी की शादी भी आशीष के परिवार के लोगों ने ही कराई। लेकिन अब दोनों परिवार में खूनी रंजिश बनी हुई है। पहले गोपी पारिया और अब बदले में आशीष गुर्जर को मार दिया गया। इस रंजिश में कितनी और जान जाएंगी, कोई  नहीं जानता। दोनों पक्षों में अभी तनाव बना  हुआ है। 

 

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राजनीति में कदम रखते ही बने दुश्मन 
गोपी पारिया और मनोज गुर्जर ने राजनीति में कदम रखे। शोभापुर में गोपी पारिया ने बसपा और मनोज ने सपा के पोस्टर लगाने शुरू किये। तभी से दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। दो अप्रैल की हिंसा में भी दोनों पक्षों में राजनीति हुई। जिसके चलते चार अप्रैल को गोपी पारिया की हत्या हो गई। जिसके बाद से गांव में दोनों पक्षों के अलग-अलग गिरोह बन गए। जोकि सोशल साइट पर वायरल हो रहे हैं। 
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आशीष गुर्जर हत्याकांड में मंगलवार को पुलिस ने 25 हजार के इनामी आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मुख्य हत्यारोपी प्रशांत पारिया की निशानदेही पर की गई। वहीं, आशीष के परिजनों ने जान का खतरा जताया है, जिसको देखते हुए परिजनों की सुरक्षा में पीएसी तैनात की गई है।

 
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शोभापुर गांव निवासी आशीष की हत्या में बसपा नेता प्रशांत पारिया, उसका पिता ताराचंद, रोहित और रवि समेत नौ आरोपी नामजद हुए थे। पुलिस प्रशांत और ताराचंद को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रशांत और रोहित ने पूछताछ में आशीष की हत्या में कई लोगों के नाम बताए। सीओ दौराला अखिलेश भदौरिया ने बताया कि छह नामजद आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम है, जो फरार है। जल्द ही ये आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। 

 
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मातम में बदलीं  खुशियां
आशीष की हत्या के चार दिन बाद भी परिवार में मातम पसरा हुआ है। आशीष के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है। आशीष की मां सुमन बेटे को भुला नहीं पा रही है। बहन अंकुल का रो रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार आशीष को याद कर बेहोश हो जाती है। मां-बेटी के साथ छोटे भाई मनीष उर्फ जॉनी का हाल भी खराब है। मनीष ने बताया है कि आशीष की हत्या से दो दिन पहले उसके ताऊ महेश के बेटे सागर चपराणा की शादी हुई थी। आशीष की हत्या से परिवार की खुशी मातम में बदली हुई है। 

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सोशल साइट के भड़काऊ संदेश
बसपा नेता गोपी पारिया की हत्या के बाद से गांव में जातीय तनाव की स्थिति बनी है। दोनों पक्ष के युवाओं ने गिरोह बनाए हुए है। जिसको वह सोशल साइट पर मेसेज देखकर एक दूसरे को भड़काते है। पुलिस ने एक पक्ष के 17 ऐसे युवकों को चिह्नित किया है, जिन्होंने सोशल साइट पर भड़काऊ पोस्ट डालकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। पुलिस ऐसे ही एक आरोपी अंशुल निवासी घाट परतापुर को गिरफ्तार कर चुकी है।
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परिवार की सुरक्षा में पीएसी लगाई 
आशीष के परिजनों ने फरार हत्यारोपियों से जान का खतरा जताया है। आरोपियों ने सोशल साइट के जरिये पहले से धमकी दी हुई है। इसको देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा में पीएसी बल तैनात कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांव में पुलिस का पहरा लगा है। परिवार की सुरक्षा में पीएसी लगाई है। 
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