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अकबर बंजारा को लेकर फिर बड़ा खुलासा: पूर्व विधायक से जुड़ रहा मामला, मोबाइल सीडीआर से खुलेगा असली राज

Thu, 21 Apr 2022 06:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
अंतराष्ट्रीय गोतस्कर अकबर बंजारा ने तीन साल पहले शास्त्रीनगर में आलीशन कोठी खरीदी, लिसाड़ीगेट में दो मार्केट बनाई, बिजनौर और बहसूमा में जमीन खरीदी है। वह 39 बीघा जमीन का बैनामा कराने की थी तैयारी में लगा हुआ था। पुलिस उसकी संपत्तियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने यह पहले ही साफ कर दिया था कि बंजारा को कई सफेदपोशों का संरक्षण मिला हुआ था। वहीं बंजारा को भाजपा नेता का भी संरक्षण मिला हुआ था। पुलिस जांच पड़ताल में यह भी सामने आया है कि बंजारा के मोबाइल से क्षेत्र के एक पूर्व विधायक की चैटिंग भी मिली है। पुलिस अब इस पूरे मामले में गहन छानबीन में जुट गई है। 

पुलिस का दावा है कि सात साल पहले गोतस्करी में उतरे बंजारा की करीब 300 करोड़ संपत्ति जांच में सामने आई है। बुधवार पुलिस ने उसकी संपत्ति के बारे में देहात इलाके से जानकारी ली। जिसमें पता चला कि अकबर बंजारा ने बहसूमा में 58 बीघा आम का बाग खरीदा था। पास में ही 39 बीघा बाग खरीदने के लिए भी अकबर बंजारे ने बयाना भी दिया हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि तीन साल से अकबर लगातार जमीन खरीद रहा है। तीन साल पहले शास्त्रीनगर आरटीओ के पास सेक्टर-10 में दो करोड़ में एक आलीशन कोठी खरीदी।
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
मेरठ के लिसाड़ीगेट में 100 फुटा रोड फतेहउल्लापुर में बंजारा ने दो मार्केट बनाईं। जिसमें एक मार्केट में सात दुकान और दूसरी मार्केट में 5 दुकानें बनी हैं, जो किराये पर चलती हैं। इसके अलावा भी लिसाड़ीगेट में उसके कई प्लाट बताए हैं। 

 
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
गोतस्करों के नेटवर्क का आईएसआई से कनेक्शन और इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल टेरर फंडिंग के लिए किए जाने की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। अकबर को किन सफेदपोशों का संरक्षण था इसका पतला लगाया जा रहा है। मेरठ पुलिस ने भी अकबर, सलमान और शमीम के आठ मोबाइल की सीडीआर निकालने की बात कही है। उनके बैंक खाते और संपत्ति की जांच शुरू कर दी है।

 

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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
फलावदा स्थित बंजारन मोहल्ला निवासी अकबर बंजारा व उसका भाई सलमान मंगलवार को असम में पुलिस कस्टडी में हुए उग्रवादियों के हमले में मारा गया था। असम पुलिस 14 अप्रैल को अकबर व सलमान को वह मेरठ से बी-वारंट पर ले गई थी। असम पुलिस का दावा है कि उग्रवादियों के हमले में मारे जाने से पहले दोनों ने भाइयों से अहम सुराग मिले हैं। दावा है कि अकबर के नेटवर्क का लिंक पाकिस्तान की आईएसआई से था। गोतस्करी से अर्जित अवैध धन आईएसआई और कुछ चरमपंथी संगठनों को भी जाता था। 
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
सुरक्षा एजेंसियों ने अकबर बंजारा और उसके परिवार की पूरी जानकारी ली। अकबर बंजारा करीब सात साल से अवैध तरीके से गोमांस की तस्करी करता था। असम में रेड्डी गैंग से उसके संबंध होने के बाद उनका नेटवर्क विदेशों तक फैल गया। 
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अकबर बंजारा मुठभेड़ - फोटो : amar ujala
बंजारा के मोबाइल में पूर्व विधायक की चैटिंग मिली
पुलिस का दावा हे कि अकबर बंजारे के मोबाइल में एक पूर्व विधायक से चैटिंग और कॉल डिटेल्स मिली हैं। चर्चा है कि पूर्व विधायक का एक प्रतिनिधि लगातार अकबर के संपर्क में था और पुलिस से सांठगांठ करके उसको बचाने में पूरी मदद करता था।
 
फलावदा के लोगों ने बताया है कि अकबर को खादी और खाकी का संरक्षण मिला था। जिसके चलते असम पुलिस उसको गिरफ्तार करने में नाकाम रहती थी। नाम न छापने की शर्त पर फलावदा के कई लोगों ने बताया कि पूर्व विधायक का प्रतिनिधि लगातार अकबर बंजारा के संपर्क में था। 
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