यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा में घने कोहरे के कारण दर्दनाक हादसा हुआ। एक के बाद एक कई वाहन टकरा गए। इसमें बसें और कारें शामिल थीं। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, वहीं 100 लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद घायलों के लिए स्थानीय लोग देवदूत बनकर उभरे।
मथुरा के बलदेव में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह हुए सड़क हादसे में एक दर्शन से अधिक वाहनों के भिड़ने से मौके पर हाहाकार मच गया। वाहनों में आग लगी थी। लोग मदद के लिए चीख रहे थे। ऐसे में स्थानीय लोग देवदूत बनकर सामने आए। लोगों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए आग की लपटों में झुलस चुके लोगों को बाहर निकाला। उन्हें अस्पताल भेजा।
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हादसे के बाद मदद के लिए पहुंचे स्थानीय लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव हथकौली निवासी योगेश सिकरवार ने बताया वह होमगार्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सुबह दौड़ने जाते हैं। अचानक सुबह 4.10 पर तेज आवाज सुनाई दी। देखा तो आग लग रही थी। धुआं उठ रहा था। चारों ओर चीख-पुकार मच रही थी। हमारे साथी भूरा सिंह व मैंने और लोगों को फोन कर बुलाया। तत्काल प्रभाव से घायलों को अस्पताल भेजने में जुट गए। 50 से अधिक घायलों को अस्पताल भेजा। सात से आठ लोगों को जली अवस्था में बाहर निकाला। योगेश ने बताया कि ऐसा खतरनाक व भयानक हादसा हुआ है, जिसकी कल्पना नहीं कर सकते हैं।
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मथुरा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव छिबरऊ निवासी सेवानिवृत्त सैनिक भगवान स्वरूप देशवार ने बताया सुबह 4.15 पर एक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। तत्काल अपने साथ में कुछ युवकों को लेकर माैके पर पहुंचे। सभी घायलों को अस्पताल भेजा। लगभग 30-35 घायलों को अस्पताल भेजा। दो से तीन लोग झुलस चुके थे। चारों ओर चीख-पुकार मच रही थी। हाहाकार मचा हुआ था। एंबुलेंस और पुलिस के वाहनों के सायरन की आवाज सुनाई दे रही थी। ऐसा भयानक हादसा पहले हमने नहीं देखा।
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मथुरा हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने कहर बरपा दिया। सुबह करीब 3:30 बजे बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल हो गए। मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया है कि चार शवों की पहचान हो गई है, अन्य के शिनाख्त के लिए टीम जुटी हुई है। 17 बैग में कंकाल और जले हुए टुकड़े लाए गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना के समय दृश्यता लगभग शून्य थी। कोहरे के चलते एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई वाहनों में धमाके के साथ आग लग गई। आग की लपटें उठते ही बसों में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।