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मथुरा हादसा: आखों के सामने लोग जिंदा जल गए, बस से कूदकर बचाई जान... शिकोहाबाद के शैलेंद्र ने सुनाई पूरी आपबीती

Thu, 18 Dec 2025 09:27 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)

सार

शैलेंद्र ने बताया कि उनकी छलांग के बाद पीछे से आ रही पांच-छह अन्य बसें भी आपस में टकराती चली गईं। उन्होंने कई लोगों को एक साथ जिंदा जलते हुए देखा, जिसने उनकी रूह कंपा दी।
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शैलेंद्र की कुशलक्षेम लेते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
मेरी आंखों के सामने लोग जिंदा जल रहे थे। मैं बस से नहीं कूदता तो मेरी भी जान नहीं बचती। जान बचाने के लिए खिड़की तोड़कर छलांग लगाई थी। रीढ़ व पैर की हड्डी में फ्रैक्चर आया है। शिकोहाबाद तहसील के गांव कटैना हर्षा निवासी शैलेंद्र कुशवाहा (26) ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे की भयावह तस्वीर कुछ इस तरह बयां की।
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हाइड्रा से हटाए गए जले वाहन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे को याद कर वह सिहर उठे। बोले, मैं मेले में कपड़े की दुकान लगाता हूं। मंगलवार को बस से गोरखपुर से दिल्ली थोक भाव पर कपड़े खरीदने जा रहा था। सुबह तीन बजे करीब बस में सभी यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। इस बीच जोरदार टक्कर के साथ बस में चीख-पुकार मच गई। 
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आग में जल चुकी बसें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह चालक के पीछे के पहले नंबर के केबिन में सो रहे थे। उनके पैर में फ्रेक्चर हो गया। बस में ऊपर लगी एक खिड़की को जैसे-तैसे तोड़कर उन्होंने नीचे छलांग लगा दी। उनके कूदने के कुछ ही देर में बस आग के गोले में बदल गई। पीछे से आईं पांच-छह बसें भी एक-एक कर टकराती चली गईं। कई लोगों को एक साथ जिंदा जलते देखकर उनकी रूह कांप उठी।

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मथुरा हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शैलेंद्र ने बताया, हाईवे पर बहुत कोहरा था। मथुरा टोल से निकलने के बाद लगभग 30 मीटर आगे दो कारें टकरा गई थीं। उनके चालक एक्सप्रेस-वे पर ही कार खड़ी कर आपस में बहस कर रहे थे। कोहरे के कारण बस उनकी कारों से टकरा गई। इसके बाद दूसरी बसें टकराईं और भयावह हादसा हुआ।
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जली हुई बस - फोटो : PTI
घायलों में वृंदावन पर्यटन थाने के रसोइया भी शामिल बोले-मैं पहले से बीमार था
जनपद के ओछा क्षेत्र के छतारी निवासी आदेश वृंदावन पर्यटन थाने में रसोइया का काम करते हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसे के बाद वह पर्यटन थाना प्रभारी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनको पहले से ही बुखार आ रहा था। 
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यमुना एक्सप्रेस वे हादसा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जब वह थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह के साथ सरकारी गाड़ी से घटनास्थल पर पहुंचे तो अचानक से उनके सीने में दर्द होने लगा। इसके बाद उन्हें भी सौ सैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनका हादसे से कोई भी संबंध नहीं है। घायलों की सूची में उनका नाम कैसे आया, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं।


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