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तस्वीरें: पेशी पर जाते वक्त लखीमपुर कांड के आरोपी आशीष मिश्र ने कैमरे के सामने दिखाई हेकड़ी, बार-बार दिया मूछों पर दिया ताव

Tue, 10 May 2022 03:11 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
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आशीष मिश्र अदालत में पेशी के दौरान - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मंगलवार को आरोप तय होने हैं जिसे लेकर मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को सत्र न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान आशीष मिश्र ने मीडिया के कैमरों पर कुछ ऐसे तेवर दिखाए जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। आशीष मिश्र को देखकर कोई नहीं कह सकता कि उन्हें अपने किए का कोई पछतावा है और जिस तरह की हेकड़ी वह मीडिया के सामने दिखा रहा था उससे ऐसा भी नहीं लगता कि उसे किसी बात का डर है। आगे तस्वीरों में देखें कैसे आशीष मिश्र मूछों को ताव देता अदालत के अंदर पहुंचा...
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आशीष मिश्र अदालत में पेशी के दौरान - फोटो : वीडियो ग्रैब
गौरतलब है कि मंगलवार को आशीष मिश्र को पुलिस जेल से पेशी के लिए सत्र न्यायालय ले आई। इस दौरान वह पुलिस की गाड़ी से उतरकर न्यायालय परिसर के अंदर प्रवेश करने तक पूरे रास्ते में अपनी मूछों को ताव देता नजर आया। उसकी चाल में अलग सी रौब थी और पूरे समय वह अपनी हेकड़ी दिखाता रहा। बता दें कि इस मामले में जेल में बंद आशीष मिश्र को फरवरी में जमानत मिल गई थी लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका डाली गई तो कोर्ट ने आशीष मिश्र की जमानत खारिज कर दी।
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आशीष मिश्र अदालत में पेशी के दौरान - फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में सोमवार को की तल्ख टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में सोमवार को तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने किसानों को धमकाने वाला कथित बयान नहीं दिया होता तो शायद लखीमपुर खीरी कांड होता ही नहीं। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने हिंसा के चार आरोपियों अंकित दास, लवकुश, सुमित जायसवाल और शिशुपाल की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने कहा, उच्च पद संभालने वाले राजनीतिक व्यक्तियों को सार्वजनिक बयान सभ्य तरीके से और यह सोच कर देना चाहिए कि उसका अंजाम क्या होगा।

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आशीष मिश्र अदालत में पेशी के दौरान - फोटो : वीडियो ग्रैब
कोर्ट ने यह भी कहा कि जब क्षेत्र में धारा 144 लगी थी तो दंगल का आयोजन क्यों किया गया और क्यों केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में वहां जाने का फैसला लिया। कोर्ट ने कहा यह विश्वास करने योग्य नहीं है कि मौर्य को यह पता नहीं था कि क्षेत्र में धारा 144 लगी है। 

वहीं, सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद मुख्य आरोपी मंत्री पुत्र आशीष मिश्र उर्फ  मोनू की तरफ  से हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दोबारा दायर जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति कृष्ण पहल ने अगली सुनवाई 25 मई को नियत की है।
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आशीष मिश्र अदालत में पेशी के दौरान - फोटो : वीडियो ग्रैब

सरकार ने किया आरोपियों की जमानत का विरोध

राज्य सरकार की तरफ  से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने सहयोगी वकीलों के साथ चारों आरोपियों की जमानत का विरोध किया। मामले में बीते वर्ष तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनियां में हुई हिंसा में चार किसान व एक पत्रकार समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी।
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