आशीष मिश्र अदालत में पेशी के दौरान
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में सोमवार को की तल्ख टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में सोमवार को तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने किसानों को धमकाने वाला कथित बयान नहीं दिया होता तो शायद लखीमपुर खीरी कांड होता ही नहीं। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने हिंसा के चार आरोपियों अंकित दास, लवकुश, सुमित जायसवाल और शिशुपाल की जमानत याचिका खारिज कर दी।
अदालत ने कहा, उच्च पद संभालने वाले राजनीतिक व्यक्तियों को सार्वजनिक बयान सभ्य तरीके से और यह सोच कर देना चाहिए कि उसका अंजाम क्या होगा।