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कुशीनगर नाव हादसा: तूफानी और रतन ने बचाई छह लोगों की जान, लोग बोले- अल्लाह ने भेजा था फरिश्ता

Thu, 14 Apr 2022 12:58 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
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कुशीनगर नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला।
कुशीनगर जिले में बुधवार को गंडक नदी में नाव पलटने के बाद डूब रहे छह लोगों को तूफानी और रतन ने बचा लिया। दोनों नदी से कुछ दूरी पर अपने खेतों में काम कर रहे थे। चीख-पुकार सुनकर उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े।

सालिकपुर गांव के रहने वाले तूफानी चौहान बुधवार की सुबह हादसे की जगह से लगभग सौ मीटर दूर अपने खेत में काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नदी में नाव पलटने के बाद लोग चिल्लाने लगे। यह सुनकर वह चौंक पड़े। बचाने की गुहार सुन अनायास उनके पैर आवाज की दिशा में बढ़ गए।

उन्होंने बताया कि लोगों को डूबता देख रहा नहीं गया। वह पानी में कूद गए और डूबने वालों को बाहर निकालने के प्रयास में लग गए। बार-बार सिर का बाल पकड़कर बाहर खींचते तो कुछ देर के लिए डूबने वाले को सांस लेने का मौका मिल जाता। वहीं वह मदद के लिए शोर भी मचा रहे थे। आवाज सुनकर कुछ दूरी पर खेत में काम कर रहे रतन कुशवाहा भी सहयोग के लिए एक नाव लेकर पहुंच गए। दोनों ने नाव से छह लोगों को बाहर निकाला। वहीं खेत मालिक खुद ही किसी तरह तैरकर बाहर निकल गया।
 
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बेटी सोनी की मौत पर रोती बिलखती मां मीरा। - फोटो : अमर उजाला।
‘पता होईत की बहिनी डूब जइहें त ना जाए देती’
हादसे में मरने वाली सोनी की मां मीरा बेटी की मौत से आहत हैं। उनके विलाप करने से मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो जा रही थीं। मीरा ने बताया कि सोनी सुबह ही मजदूरी करने निकल रही थी तो मैंने आज न जाने के लिए रोका था, लेकिन वह दोपहर तक कुछ पैसा कमाकर चले आने की बात कहकर निकल गई थी। मीरा का कहना था कि पता होइत की बहिनी डूबि जइहें त ना जाए देतीं। गरीबी के चलते मजदूरी करना मजबूरी है। सोनी की मौत के बाद पिता पतरू व छोटा भाई अर्जुन का रो रोकर बुरा हाल है।
 
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कुशीनगर में नाव हादसा - फोटो : अमर उजाला।
नाव में था छेद, भरने लगा था पानी
नाव हादसे में बची गुलशन अभी भी सदमे में है। उसकी आंखों में भयावह तस्वीर अब भी कैद है। पूछने पर रोते हुए बताती है कि सब लोग हंसी-खुशी से जा रहे थे। नाव छोटी थी। उस पर मिश्री (खेत मालिक) ने बिठा लिया। नाव थोड़ी ही दूर गई, तभी नाव में छेद के कारण पानी भरने लगा। इसे लेकर आशंका जताई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया और बीच में पहुंचते ही नाव असंतुलित होकर पलट गई।

सभी लोग पानी में गिर गए व डूबने लगे। हमारे पास ही आसमां व गुड़िया थीं। वह भी बचाने के लिए चिल्ला रही थीं। मुझे लगा कि अब जीवन नहीं बचेगा। आंख के सामने अंधेरा छाने लगा। सांस रुकने लगी, तभी किसी ने बाल पकड़ कर ऊपर खींच लिया।

 

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कुशीनगर नाव हादसा में सुरक्षित बचीं सूरमा। - फोटो : अमर उजाला।
अल्लाह ने बचाने के लिए भेज दिया फरिश्ता : सूरमा
नाव हादसे में बचाई गई बुजुर्ग सूरमा भी थीं। वह भी मजदूरी करने जा रही थीं। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने बचा लिया।
सूरमा के चेहरे पर अब भी हादसे का भय साफ साफ दिख रहा था। उन्होंने बताया कि नाव पलटने पर सबके साथ वह डूबने लगीं। आंख के सामने अंधेरा छा गया, तभी एक व्यक्ति बाल पकड़कर ऊपर खींच लिया। उसके बाद मैं अचेत हो गई। बाद में होश आया तो मैं बच गई थी।

 
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कुशीनगर में नाव हादसा के बाद सांसद विजय दुबे और खड्डा विधायक विवेकानंद पांडेय मौके पर पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला।
सांसद, डीएम और एसपी ने दी सांत्वना
घटनास्थल पर पहुंचे विधायक डीएम, एसपी व एसडीएम ने घटना पर दु:ख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी और सरकार की ओर से अनुमन्य आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
घटना की सूचना मिलते ही विधायक विवेकानंद पांडेय घटनास्थल पर पहुंच गए। चल रहे राहत व बचाव कार्य का निरीक्षण किया। मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए विधायक ने कहा की सरकार की ओर से आपदा राहत के लिए मिलने वाला धन दिलाया जाएगा। इसके लिए तहसील प्रशासन को निर्देश देते हुए शीघ्र सभी औपचारिकता पूर्ण करने को कहा।

चार लाख रुपये व अन्य मदद दिलाई जाएगी
घटनास्थल पर पहुंचे डीएम एस. राजलिंगम व एसपी सचिंद्र पटेल ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि नाव हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है। यह आपदा राहत की श्रेणी में आता है। सरकार की ओर से अनुमन्य चार लाख रुपये सहित जो भी संभव होगा मदद दिलाई जाएगी। नाव से नदी पार करना लोगों की आजीविका से जुड़ा मामला है। कोशिश की जाएगी कि इस तरह की घटनाएं घटित न हों।
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