कुशीनगर में नाव हादसा
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नाव में था छेद, भरने लगा था पानी
नाव हादसे में बची गुलशन अभी भी सदमे में है। उसकी आंखों में भयावह तस्वीर अब भी कैद है। पूछने पर रोते हुए बताती है कि सब लोग हंसी-खुशी से जा रहे थे। नाव छोटी थी। उस पर मिश्री (खेत मालिक) ने बिठा लिया। नाव थोड़ी ही दूर गई, तभी नाव में छेद के कारण पानी भरने लगा। इसे लेकर आशंका जताई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया और बीच में पहुंचते ही नाव असंतुलित होकर पलट गई।
सभी लोग पानी में गिर गए व डूबने लगे। हमारे पास ही आसमां व गुड़िया थीं। वह भी बचाने के लिए चिल्ला रही थीं। मुझे लगा कि अब जीवन नहीं बचेगा। आंख के सामने अंधेरा छाने लगा। सांस रुकने लगी, तभी किसी ने बाल पकड़ कर ऊपर खींच लिया।