कानपुर के गोविंद नगर में पीलापुल स्थित गायत्री शक्तिपीठ में 24 कुंडीय महायज्ञ के दौरान शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे टोली नायक राजेंद्र दुबे ने सुबह 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ कराया । 1000 लोगों ने 25000 आहुतियां अर्पित की।
विज्ञापन
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
शाम पांच बजे से दीपयज्ञ शुरू हुआ। इसमें 3000 दीपक प्रज्ज्वलित कर आहुतियां दी गईं। बुरे विचारों से बचने और सद्विचारों को ग्रहण करने का माध्यम गायत्री मंत्र है। इस मंत्र से सद्बुद्धि मिलती है और परिवार संस्कारी होता है।
विज्ञापन
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
यह कहना है देहरादून से आए गुरुदेव श्रीराम शर्मा के शिष्य सुभाष नागपाल का। वह रविवार को आवास विकास, हंसपुरम में 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ और 12 से 15 दिसंबर तक होने वाले 108 कुंडीय अश्वमेध महायज्ञ के भूमि पूजन के दौरान विचार व्यक्त कर रहे थे।
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि आज लोगों के विचार दूषित हो गए हैं। लोगों के दिमाग में रावण, कुंभकर्ण व मेघनाथ बैठ गए हैं। मानवजाति सामूहिक आत्महत्या की ओर बढ़ रही है। कल्याण का एक ही रास्ता गायत्री जप है।
वातावरण शोधन के लिए सभी को यज्ञ करना होगा। इसके बाद 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गई। डेंगू के प्रकोप से बचाव के लिए प्रार्थना की गई। महामृत्युंजय मंत्र के जाप के साथ विशेष आहुतियां दी गईं।