कानपुर में डेंगू से तीन और मरीजों की मौत हो गई है और सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला इसे नर्सिंगहोमों का बनाया गया हौव्वा बता रहे हैं। कानपुर में अब तक 138 मरीजों की जान डेंगू से जा चुकी है और स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ पांच मौतें दर्ज की गई हैं। शनिवार को हैलट और उर्सला में 10 रोगियों को भर्ती किया गया है।
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डेंगू का कहर
- फोटो : अमर उजाला
घाटमपुर निवासी शीला देवी (87) को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ी तो तीन दिन पहले उन्हें हैलट इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई। प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में हुई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
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डेंगू का कहर
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इसी तरह हैलट के मेडिसिन विभाग में भर्ती हुसैनगंज, फतेहपुर के अशोक त्रिवेदी (50) ने दम तोड़ दिया। डेंगू पॉजीटिव होने पर उन्हें हैलट में भर्ती कराया गया था। मेडिसिन विभाग में भर्ती मंगलपुर, कानपुर देहात के महेंद्र मिश्र (50) की भी डेंगू से मौत हो गई।
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सात मरीजों को किया भर्ती
डेंगू की पुष्टि होने पर शनिवार को हैलट के बालरोग अस्पताल में विजयनगर निवासी आफिया (9), चकेरी में रहने वाली आस्था (14), दिव्या (13) समेत चार रोगियों को भर्ती किया गया। इसी तरह हैलट में फतेहपुर की मंजू लता (35), पनकी की केशर (60) और बर्रा की सोनी (23) को भर्ती किया गया। तीनों को डेंगू है।
कार्ड से जांच कर हौव्वा खड़ा कर रहे नर्सिंगहोम
नर्सिंगहोमों में कार्ड से जांच करके डेंगू का हौव्वा खड़ा किया जा रहा है। एलाइजा विधि से हुुई जांच में ही रोग की पुष्टि होती है। - डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ