हरदोई के सांडी कस्बे के नवाबगंज में तेंदुए की तलाश में चल रहा ऑपरेशन सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे बंद कर दिया गया। सुनील वाजपेई के मकान की पूरी तरह तलाशी लेने के बाद भी यहां तेंदुआ नहीं मिला। वहीं सुनील के बड़े भाई ने इस घटना के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव घर के पास एक बाग में लटका हुआ मिला। घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। तेंदुए के हमले के बाद उनके पत्नी और बच्चे भी उसी घर में कैद हो गए थे जहां पर तेंदुए के होने की लोग आशंका जता रहे थे। उप प्रभागीय वन अधिकारी वीके आनंद का कहना है कि वृहद स्तर पर स्थानीय लोगों और वन विभाग की टीम ने पूरे घर को खंगाल लिया है। घर में तेंदुआ नहीं है। उन्होंने बताया कि संभवत किसी वक्त मौका पाकर तेंदुआ मकान से निकल गया। अबसे कुछ देर बाद तेंदुए के पदचिन्ह खोजने के लिए अभियान चलाए जाने की बात विभागीय अधिकारियों ने कही है। मकान में रह गए चारों लोग भी सकुशल बाहर आ गए हैं।
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हरदोई में तेंदुए के हमले के बाद दहशत में लोग
- फोटो : अमर उजाला
हरदोई जिले में मोहल्ला नवाबगंज में रविवार की दोपहर तेंदुए ने मकान के कमरे में बैठे परचून के दुकानदार को घायल कर दिया था। घर में घुसा तेंदुआ मकान में ही छिपकर बैठ गया था। करीब साढ़े तीन घंटे बाद युवकों की मदद से घायल दुकानदार समेत 17 लोगों को बाहर निकाल लिया गया था। तेंदुए के डर से तीन महिलाएं और एक बच्ची सोमवार सुबह चार बजे तक मकान में ही कैद रहीं। इसी मकान के दूसरे हिस्से में छिपा था।
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हरदोई में तेंदुए के हमले के बाद दहशत में लोग
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की दोपहर लगभग एक बजे मोहल्ला नवाबगंज स्थित बिजली उपकेंद्र में तेंदुए को घूमते हुए देखा गया तो पास ही स्थित परचून के दुकानदार सुनील वाजपेयी के मकान में भीड़ लग गई। यह उपकेंद्र दुकानदार सुनील वाजपेयी के मकान के पिछले हिस्से से लगा है। इसी बीच झाड़ियों से निकले तेंदुए ने सीधे मकान की दूसरी मंजिल पर छलांग लगाकर कमरे में मौजूद सुनील वाजपेयी को घायल कर दिया।
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हरदोई में तेंदुए के हमले के बाद दहशत में लोग
- फोटो : अमर उजाला
इसपर मौजूद अन्य लोगों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया, जबकि तेंदुआ घर के दूसरे हिस्से में घुस गया। इससे पूरे मोहल्ले में अफरातफरी मच गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। तेंदुए के छिपे होने वाले मकान में ही 21 लोगों के होने की जानकारी से सभी दहशत में आ गए। पहले वन विभाग की टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन इसी बीच सुनील वाजपेयी की हालत बिगड़ने का पता चला। तो पालिकाध्यक्ष के प्रतिनिधि अनिल गुप्ता ने कुछ युवकों की टोली तैयार की।
पड़ोसी मकान से यह टोली अंदर घुसी। इस टोली ने सुनील वाजपेयी समेत 17 लोगों को सकुशल निकाल लिया था। देर रात तक तीन महिलाएं और एक बच्ची मकान में ही कैद थे। जिन्हें सोमवार सुबह चार बजे निकाला गया। घायल सुनील वाजपेयी को सीएचसी सांडी ले जाने के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि हरपालपुर वन रेंज के ग्राम बघराई में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए के पदचिह्न मिल रहे थे। इससे इलाके में दहशत बनी हुई थी।