अगले 15 दिनों तक सर्दी का असर जारी रहेगा। अगले तीन दिनों के बाद से दिन में धूप होने से अधिकतम तापमान बढ़ जाएगा लेकिन रात में कड़ाके की ठंड रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार चार फरवरी से कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के अलावा प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का मौसम भी बन सकता है।
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कानपुर में ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच तेज हवा भी चल सकती है। सुबह-शाम होने वाले कोहरे का असर खत्म हो जाएगा। रात का तापमान फिर से पांच डिग्री से तीन डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ फरवरी के महीने में आते रहेंगे।
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कानपुर में ठंड का कहर
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इस बार दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभों के बीच में काफी लंबा अंतराल बना हुआ है। जिसके कारण उत्तर दिशा से चलने वाली हवाओं की वजह से तापमान लगातार नीचे बना हुआ है। यह स्थिति फरवरी के अंत तक रहने की संभावना है। जिससे उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों के अलावा, गंगा के मैदानी भागों तथा मध्य भारत में कभी कड़ाके की सर्दी तो कभी सामान्य सर्दी का दौर आता रहेगा।
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कानपुर में ठंड का कहर
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दिन का पारा लुढ़का
कोहरे और शीतलहर की वजह से दिन में तापमान एक डिग्री से घटकर 17.4 और रात का पारा तीन डिग्री बढ़कर 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को दिन में 3.4 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
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कानपुर में ठंड का कहर
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नमी बनाए रखने की जरूरत
मौसम विभाग ने शीतलहर और ठंड में फसलों में नमी बनाए रखने की सलाह किसानों को दी है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि एवं मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार शुष्क मौसम को देखते हुए फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई की जा सकती है। सिंचाई करते समय हवाओं की गति को ध्यान में रखें। साथ ही फसलों को अत्यधिक ठंडी से बचाने के लिए भी कई उपाय करने की आवश्यकता है।
- दलहनी तथा अन्य रबी फसलों पर लाही का प्रकोप इस समय हो सकता है। इसके लिए ऑक्सीडेमीटोन मिथाईल 25 ईसी एक मिली प्रतिलीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें।
- चने की फसल में फूल आने की अवस्था में फली छेदक कीट का प्रकोप हो सकता है। बचाव के लिए 3-4 फेरोमोन ट्रेप प्रति एकड़ लगाएं।
- फसलों में आवश्यतानुसार नमी बनाए रखें और कीटों व रोगों की नियमित निगरानी करते रहें। मिर्ची, टमाटर व बैंगन की नर्सरी अभी तैयार की जा सकती है। अच्छे परिणाम के लिए नर्सरी पोली-हाउस में तैयार करें।