पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी के बाद तेज गति से बहीं हिमालयी हवाओं ने कानपुर परिक्षेत्र में कंपकपी छुड़ा दी है। तेज गति से आईं हवाओं से पारा धड़ाम हो गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री कम 18.2 रिकॉर्ड किया गया।
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कानपुर में ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री कम 4.4 रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान जनवरी में दूसरी बार सामान्य से नीचे गया है। हवाओं की गति बढ़ी तो माहौल में गलन और बढ़ जाएगी। मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है।
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अभी तक दिसंबर के अंतिम और जनवरी के पहले सप्ताह में सबसे अधिक गलन होती रही है। इस बार जनवरी के दूसरे सप्ताह से गलन बढ़ी है। इसे जलवायु परिवर्तन का असर माना जा रहा है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अधिक ठंड पड़ने का समय खिसक रहा है।
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कानपुर में ठंड का कहर
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सीएसए के मौसम विज्ञान के तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि 4-5 जनवरी को चक्रवात बना था। इससे कई स्थानों पर बारिश हुई है। पहाड़ पर बारिश और बर्फबारी लगातार हो रही है। पछुवा की गति बढ़ी तो पहाड़ों की ठंड मैदान में उतर आई। इससे गलन और बढ़ गई है।
तापमान
अधिकतम-18.2 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम- 4.4 डिग्री सेल्सियस
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दो साल से जीरो पर नहीं पहुंचा पारा
दो साल से पारा जीरो पर नहीं गया है। आखिरी बार 31 दिसंबर वर्ष 2019 को पारा जीरो पर आ गया था। इसके बाद अभी तक जीरो पर नहीं गया है। मौसम विभाग का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग प्रभाव से मौसम के मिजाज में बदलाव आ रहा है। बारिश और जाड़े का समय आगे-पीछे हो रहा है।
नौ दिन बाद फिर शुरू हुआ कोल्ड डे
तीन जनवरी के बाद पहली बार रात और दिन का तापमान इतने नीचे आया है। मौसम विभाग के अनुसार कोल्ड डे फिर से शुरू हो गए हैं। खुले आसमान से पाला पड़ने की वजह से भी तापमान इतना नीचे आया है। कोल्ड डे का असर कानपुर, आजमगढ़, बदायूं, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बरेली, बस्ती, बिजनौर, देवरिया, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, मेरठ आदि जिलों में देखने को मिलेगा।