बिकरू कांड में फंसे जय बाजपेई के गनर रहे होमगार्ड महेंद्र सिंह पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एंटी करप्शन कानपुर यूनिट के अफसरों ने होमगार्ड से कई घंटे पूछताछ की। हालांकि वह आरोपों को नकारता रहा। बैंक खातों संबंधी ब्योरा टीम जुटा चुकी है, संपत्ति संबंधी दस्तावेज मांगे हैं।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
जय बाजपेई को गनर मिला था। होमगार्ड महेंद्र सिंह उसके साथ रहता था। एसआईटी की जांच में महेंद्र भी फंसा है। उसके पास आय से अधिक संपत्ति और अपराधियों के जरिये संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हुआ। इसके पहले 2017 में ईओडब्ल्यू ने भी जांच की थी। उसी रिपोर्ट को एसआईटी ने शामिल किया है। शासन से एंटी करप्शन जांच के आदेश के बाद कानपुर यूनिट के अफसरों ने उससे कई घंटे पूछताछ की।
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गैंगस्टर जय बाजपेई और विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
उसने अपने घर व एक जमीन के अलावा अन्य किसी भी प्रापर्टी के बार में नहीं बताया। उसने ये भी नकार दिया कि जय से उसकी सांठगांठ थी। खाते संबंधी जानकारी व दस्तावेज जांच अधिकारी ले गए हैं। एंटी करप्शन टीम अब पहले जांच कर पुख्ता साक्ष्य जुटाएगी, उसके बाद ही कार्रवाई करेगी। उसके कई परिचितों व रिश्तेदारों को भी नोटिस जारी कर बुलाया गया है।
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जय बाजपेई अपनी पत्नी के साथ
- फोटो : फेसबुक
ईओडब्ल्यू जांच में दोषी पाया गया था होमगार्ड
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया की शिकायत पर तीन साल पहले जय व उसके करीबियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने जांच की थी। इसमें महेंद्र सिंह का भी नाम शामिल था। एंटी करप्शन के एक अफसर ने बताया कि जांच में होमगार्ड दोषी पाया गया था। यह जांच गवाहों के आधार पर की गई थी। उसी जांच के लिए एंटी करप्शन को लगाया गया है।
बड़े अफसर समेत 50 से अधिक पुलिसकर्मी जद में
शासन ने सोमवार को एसआईटी रिपोर्ट ईडी को सौंप दी है। एसआईटी की रिपोर्ट में 50 से अधिक अफसरों के खिलाफ तमाम साक्ष्य हैं। इसमें कई पुलिस अफसर भी शामिल हैं। अगर ईडी ने इन सभी की परतें खोलीं तो ये अफसर भी जेल जाएंगे।