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Vikas Dubey News: बिकरू कांड के आरोपी एसओ विनय तिवारी को क्लीनचिट देने पर एएसपी को चेतावनी

Thu, 26 Nov 2020 06:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में जेल भेजे गए चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी को जुआ खिलाने के आरोप में क्लीनचिट देने के मामले में बिकरू कांड की जांच में लगी एसआईटी ने सवाल खड़े किए हैं। इस संबंध में एसआईटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने जांचकर्ता आईपीएस निखिल पाठक (कलक्टरगंज सीओ) को चेतावनी दी है। 
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने चौबेपुर के जरारी गांव में आठ मार्च 2020 को दबिश देकर जुआ पकड़ा था। सीओ ने एक रिपोर्ट तत्कालीन एसएसपी को भेजी थी। इसमें आरोप लगाया था कि तत्कालीन एसओ विनय तिवारी के संरक्षण में जुआ चलता है। इसके अलावा एक शिकायत एडीजी को भी की गई थी। इसमें एसओ के साथ सीओ पर भी आरोप लगे थे। इसकी जांच एडीजी ने एएसपी निखिल पाठक को सौंपी।


 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने 11 मई को जांच पूरी कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी। इसमें सीओ के साथ एसओ पर लगाए गए सभी आरोप सिरे से खारिज कर दिए। दो जुलाई को जब बिकरू कांड हुआ तब यह मामला फिर चर्चा में आया। एडीजी ने एएसपी को चेतावनी दी। वहीं अब एसआईटी ने अपनी जांच में इस मामले को भी शामिल किया। जांच पर सवाल उठाते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी। इस पर शासन की तरफ से उन्हें चेतावनी दी गई है।

 

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
विनय पर आरोप साबित, कड़ी कार्रवाई से बचे एएसपी
एसआईटी ने जांच में पाया कि जुआ खिलाने में विनय तिवारी की मिलीभगत थी। जांच अधिकारी ने एसएसपी के दबाव में विनय तिवारी को क्लीन चिट दी। हालांकि इसमें भी मुख्य दोषी एसआईटी ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव का ही माना। इसके पुख्ता साक्ष्य भी मिले। इसलिए एएसपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। चेतावनी देकर भविष्य में इस तरह की लापरवाही व नजरअंदाजगी न करने की हिदायत मिली। 

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
एसपी ग्रामीण पर भी हैं गंभीर आरोप
निलंबित आईपीएस अनंत देव एसआईटी की जांच में गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई। विकास दुबे को संरक्षण देने से लेकर जय बाजपेई के साथ सांठगांठ का आरोप है। वहीं विनय तिवारी को संरक्षण देने की भी बात सामने आई। इसी तरह दोषी पाए गए तत्कालीन एसपी ग्रामीण प्रद्युम्न सिंह पर गंभीर आरोप हैं। चौबेपुर उन्हीं का क्षेत्र था। उनके पर्यवेक्षण के बावजूद विकास दुबे शातिर अपराधियों की सूची में शामिल नहीं किया गया। एसओ की लापरवाही व अपराधियों के साथ सांठगांठ पर उन्होंने पर्दा डाला।
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