कानपुर के बिकरू कांड में दर्ज किए गए नए केसों में फरार एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। 24 नवंबर को आईजी मोहित अग्रवालने 15 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर आरोपियों को जेल भेजने के निर्देश दिए थे।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी की जांच में सामने आया था कि विकास दुबे की पत्नी रिचा, पिता रामकुमार दुबे, भाई दीपक दुबे और उसकी पत्नी अंजलि दुबे के अलावा अमित, दिनेश कुमार, रवींद्र कुमार, अखिलेश कुमार, गुड्डन त्रिवेदी की पत्नी कंचन, राजू बाजपेई फेक आईडी पर सिम चलाते हैं।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
अधिकतर लोगों ने फर्जी शपथ पत्र देकर शस्त्र लाइसेंस भी लिया है। इसके बाद चौबेपुर थाने में दो केस, बजरिया, नजीराबाद और नवाबगंज में एक-एक केस दर्ज किया था। वहीं कानपुर देहात में तीन एफआईआर हुईं थीं। इन लोगों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। हालांकि रिचा दुबे और कुछ आरोपी पहले से जेल में हैं।
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विकास दुबे कांड
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एसआईटी से मांगे दस्तावेज
जय बाजपेई पर नजीराबाद में पासपोर्ट में फर्जी शपथ पत्र देने का मामला है। इसमें पुलिस को एसआईटी ने दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए हैं। बजरिया में दर्ज किए गए शस्त्र लाइसेंस में फर्जी शपथ पत्र लगाने के मामले में दस्तावेज नहीं मिले हैं।
एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि केस से संबंधित दस्तावेज एसआईटी से मांगे गए हैं। उधर पुलिस ने एक-दो केसों में आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए कोर्ट में अर्जी दे अनुमति मांगी है।