बिकरू कांड की चार्जशीट पुलिस ने तैयार कर ली है, जो इसी सप्ताह दाखिल की जानी है। चार्जशीट में चौबेपुर के तत्कालीन थानेदार विनय तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसने अपने कार्यकाल में दहशतगर्द विकास दुबे के अपराधों पर पर्दा डाला।
विज्ञापन
2 of 6
विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
उसको संरक्षण दिया। यह भी आरोप है कि दो जुलाई की रात साजिश के तहत विनय ने दरोगा केके शर्मा के माध्यम से विकास दुबे तक पुलिस की दबिश की सूचना पहुंचाई। इसमें आठ पुलिस वालों की जान चली गई।
विज्ञापन
3 of 6
विकास दुबे का एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
विवेचना में पुलिस ने आरोपी विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा के खिलाफ साक्ष्य जुटाए हैं। इनका जिक्र चार्जशीट में है। विवेचना टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विनय तिवारी व केके शर्मा पर साजिश रचने का आरोप है।
4 of 6
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
विवेचना में पता चला है कि विनय तिवारी को विकास के अपराधों की पूरी जानकारी थी। दर्जनों शिकायतें उसके खिलाफ पहुंची लेकिन कार्रवाई नहीं की। जब टॉप-10 अपराधियों की सूची बनाई गई तब भी विनय ने विकास को बचाया।
विज्ञापन
5 of 6
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट में दावा किया है कि विनय और केके शर्मा को बड़ी वारदात की सूचना थी, इसके बाद भी दबिश की सूचना लीक कर दी। इसलिए पुलिस ने दोनों को साजिश रचने का आरोपी माना है।
उस रात विनय और विकास की बातचीत नहीं
जिस रात बिकरू कांड हुआ, उस दौरान एसओ विनय तिवारी और विकास की फोन पर बातचीत नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक विवेचना में पुलिस ने दावा किया है कि विनय ने साथी दरोगा केके शर्मा के जरिये विकास तक सूचना पहुंचवाई। इस दौरान विकास ने कहा था कि वो सभी को मार देगा। इसके बावजूद विनय ने किसी अधिकारी को यह सूचना नहीं दी और फोर्स गांव पहुंच गई।
30 या एक को दाखिल कर सकते हैं चार्जशीट
चार्जशीट दाखिल करने की अंतिम तिथि चार अक्तूबर है। इस दिन रविवार है। दो को गांधी जयंती है। ऐसे में पुलिस 30 सितंबर या एक अक्तूबर को चार्जशीट दाखिल कर सकती है।