चौबेपुर पुलिस ने फर्जी शपथपत्र देकर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में दहशतगर्द विकास दुबे के भाई समेत छह आरोपियों के खिलाफ माती कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसआईटी ने दहशतगर्द के भाई विपुल दुबे, जिलेदार समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज बनाना और उनका इस्तेमाल करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
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विकास दुबे (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने दाखिल किए गए शपथपत्र में अपने आपराधिक इतिहास की जानकारी छुपा ली थी। चौबेपुर थानाप्रभारी कृष्ण मोहन राय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।
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कानपुर एनकाउंटर
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चौबेपुर समेत तमाम थानों के एक भी लाइसेंस का सत्यापन नहीं
25 नवंबर 2019 को शासन ने शस्त्र लाइसेंसों को सत्यापन करने संबंधी निर्देश जारी किया था। तत्कालीन एसएसपी ने इसके लिए एक टीम गठित की थी। इसमें प्रभारी तत्कालीन एसपी क्राइम राजेश यादव, सीओ लाइन आईपीएस बीबीजीटीएस मूर्थी, आरआई-2 जटाशंकर पाठक, हेड मोहर्रिर सतीश शामिल थे।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच एक फरवरी 2020 को मूर्थी ट्रेनिंग पर चले गए और चार्ज सीओ सैफुद्दीन बेग को मिला। 12 फरवरी 2020 को चौबेपुर थाना क्षेत्र के सभी लाइसेंसों का सत्यापन होना था, जो नहीं हुआ।
चूंकि जांच टीम का जो गठन हुआ था, उसमें मूर्थी का नाम था। इसलिए एसआईटी ने उन्हें दोषी माना है। जल्द इसमें सुधार किया जाएगा। चौबेपुर समेत तमाम थानों के एक भी शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन उस वक्त नहीं किया गया था।