कानपुर के नवाबगंज की गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी में बुधवार रात आईआईटी के रिटायर्ड रजिस्ट्रार व अधिवक्ता राजाराम वर्मा (78) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड को साजिश के तहत अंजाम दिया गया। करीब एक घंटे पहले बदमाशों ने अधिवक्ता राजाराम को फोन किया था। बोला था कि वह उनके घर आ रहे हैं। वहां पहुंचकर बदमाश ने घर की घंटी बजाई। जैसे ही राजाराम बाहर निकले बदमाश ने उनको तुरंत गोली मार दी। खुलेआम तमंचा लहराते हुए फरार हो गए। पुलिस की जांच में सामने आया कि करीब सवा सात बजे किसी शख्स का राजाराम के पास फोन आया था। उसने घर पर आने के लिए कहा था। रात करीब साढ़े आठ बजे घर की घंटी बजी। राजाराम को लगा कि उनसे मिलने वही लोग आए हैं। वह खुद ही दरवाजा खोलकर बाहर निकले। गेट पर पहले से खड़े बदमाश ने उनकी कनपटी में गोली मार दी। उसके बाद बाइक से दोनों भाग निकले।
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंची पुलिस देर रात तक छानबीन करती रही। सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस की मदद से बदमाशों की तलाश जारी है। हत्या के पीछे जमीन के विवाद की आशंका है। गंगा नगर हाउसिंग सोसाइटी निवासी राजाराम वर्मा रिटायर्ड होने के बाद वकालत करते थे। पुलिस के मुताबिक शाम करीब साढ़े छह बजे राजाराम कचहरी से घर लौटे। सवा सात बजे किसी का फोन आया और उसने कहा कि वह कुछ कागज देने घर आ रहा है।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : amar ujala
रात साढ़े आठ बजे जब राजाराम कागज लेने के लिए घर से बाहर आए तो बाइक सवार बदमाशों ने उनको गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर परिवार वाले बाहर निकले लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। खून से लथपथ राजाराम को परिजन रीजेंसी लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि एक बदमाश बाइक स्टार्ट कर खड़ा रहा। दूसरा बदमाश राजाराम के घर के दरवाजे पर गया। बातचीत हो ही रही थी कि तभी उसने राजाराम की दाहिनी कनपटी पर असलहा सटाकर गोली दाग दी।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल आने से पहले ही राजाराम की मौत हो चुकी थी। इसका मतलब उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजाराम का मैनवती मार्ग स्थित एक बड़ी हाउसिंग सोसाइटी के मालिक व बिल्डरों से जमीन का विवाद था। आरोप है कि इनकी जमीन कब्जा कर ली गई थी। जिसके कई मुकदमे चल रहे हैं। राजाराम मामलों की खुद पैरवी कर रहे थे। आशंका है कि इसी जमीन के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। हालांकि पुलिस कई अन्य बिंदुओं पर भी तफ्तीश कर रही है।
भाड़े के हत्यारे हो सकते हैं
अभी तक पुलिस के पास हत्यारों का कोई सुराग नहीं है। मगर जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है उससे पुलिस को आशंका है कि भाड़े के हत्यारों से वारदात कराई गई है। वारदात के बाद पुलिस ने शहर भर में नाकेबंदी कर चेकिंग कराई। मगर कोई हाथ नहीं आया। आशंका है कि बैराज की तरफ से बदमाश फरार हो गए।
पैर छुए तब मारी गोली
कुछ ऐसी भी जानकारी मिली है कि जो बदमाश राजाराम के गेट के पास खड़ा था उसने पहले राजाराम के पैर छुए। जैसे ही वह पैर छूकर सीधे खड़ा हुआ तुरंत गोली मार दी।